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राकेश टिकैत से मुलाकात अयोध्या में योगी के खिलाफ प्रत्याशी

अयोध्या । इस बार उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बाजी मारने के लिए शिवसेना ने कमर कसी है। शिवसेना की नजर किसानों का समर्थन हासिल करने पर है। शायद यहीं वजह है कि किसानों का नब्ज टटोलने के लिए शिवसेना ने किसानों के बड़े नेता राकेश टिकैत से संपर्क किया है। खुद शिवेसना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने टिकैत से बातचीत की है। इतना ही नहीं पार्टी के बड़े नेता संजय राउत ने मुजफ्फरनगर जाकर किसान नेताओं से बातचीत की है और यूपी चुनाव में उनका आशीर्वाद हासिल करने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में शिवसेना लगभग 50-100 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकती है। राज्य में अपनी धमक दिखाने के लिए पार्टी किसानों से सपोर्ट चाहती है। दिल्ली और यूपी के दौरे कर पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और यूपी चुनाव के लिए अपनी योजना को अमलीजामा पहनाने में लगे संजय राउत ने कहा है कि उनकी पार्टी मथुरा, वाराणसी और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अयोध्या में चुनाव लड़ेगी। यूपी में शिवसेना की मौजूदगी कुछ खास नहीं है बावजूद इसके राउत ने कहा कि इस चुनाव में उनकी पार्टी कई सीटों पर जीतेगी। राकेश टिकैत और उद्धव ठाकरे के बीच फोन पर हुई बातचीत को अराजनैतिक बताते हुए राउत ने कहा कि उन दोनों के बीच किसानों के मुद्दे पर बातचीत हुई है। ठाकरे ने टिकैत के साथ फोन पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसानों की मदद के लिए चलाई जा रही नीतियों पर चर्चा की है। ठाकरे ने टिकैत को महाराष्ट्र आने का आमंत्रण भी दिया है। राकेश टिकैत के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में मौजूद संजय राउत ने कहा, ‘ उद्धव जी और राकेश टिकैत के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई और दोनों नेताओं ने किसानों के मुद्दे पर बातचीत की है। हम टिकैत जी को कभी भी चुनावी राजनीति में आने के लिए नहीं कहेंगे। लेकिन इस देश की राजनीतिक किसानों के सपोर्ट के बिना नहीं चल सकती। किसान तय करते हैं कि गद्दी पर कौन बैठेगा, इतिहास गवाह है कि जब वो सत्ता में आए तब वो किसानों को भूल गए। लेकिन महाराष्ट्र में सत्ता में आने के 2 महीने बाद उद्धव जी ने किसानों का लोन माफ कर दिया।’ राकेश टिकैत ने कहा कि वो जल्द ही महाराष्ट्र का दौरान करेंगे। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मुझे महाराष्ट्र आने का आमंत्रण दिया है और कहा है कि हम कृषि और किसानों की नीतियों पर चर्चा करेंगे। हम उनकी नीतियों को देखेंगे और देश में अलग-अलग जगहों पर उसे फैलाएंगे। हम राजनीति से जुड़े नहीं है। चुनाव लड़ना राजनीतिक पार्टियों का काम है। दिल्ली में किसानों के आंदोलन को महाराष्ट्र सरकार ने हमेशा सपोर्ट किया है। जब कभी भी बंद का ऐलान किया गया, महाराष्ट्र में भी इसे फॉलो किया गया था।’ शिवसेना के सांसद ने साफ किया है उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा, ‘हमें विश्वास है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में हम पहुंचेंगे। बता दें कि साल 1991 में शिवसेना के एक विधायक विधानसभा तक पहुंचे थे। हालांकि, उसके बाद से शिवसेना कभी यूपी विधानसभा में नहीं घुस सकी। संजय राउत ने कहा, ‘हम यहां किसी एक शख्स के खिलाफ लड़ने के लिए नहीं आए। हम यहां चुनाव लड़ने और अपनी राजनीति चमकाने के लिए नहीं आए हैं। हां, हम अयोध्या में चुनाव लड़ेंगे। बहरहाल यह भी कहा जा रहा है कि शिवसेना उत्तर प्रदेश में अपने कैंपेन में हिंदुत्व के एजेंडे को शामिल करेगी। संजय राउत ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अदालत के आदेश के बाद हुआ है और किसी भी राजनीतिक पार्टी को इसका श्रेय नहीं लेना चाहिए।

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