अब सीधे एसडीएम कार्यालय से बनवा सकेंगे बीपीएल कार्ड नहीं लगाने पडेंगे लोक सेवा केन्द्र के चक्करख्, पात्रता पर्ची से ही ले सकेंगे लाभ

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भोपाल (ईएमएस)। उपभोक्ताओं को बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए सीधे एसडीएम कार्यालय जाना होगा, उपभोक्ताओं को अब लोक सेवा केन्द्र के चक्कर नहीं लगाने पडेंगे। वहीं राशन कार्ड की जगह पात्रता पर्ची देखकर ही उपभोक्ता को योजना का लाभ और सस्ता राशन दे दिया जाएगा। अब बीपीएल कार्ड की सभी सेवाओं के लिए उपभोक्ता को कार्ड लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी। राशन कार्ड चाहने वाले उपभोक्ताओं को एसडीएम कार्यालय से सर्वे के बाद डूडा (शहरी विकास प्राधिकरण) कार्यालय से बीपीएल नंबर दे दिया जाएगा। यह बीपीएल नंबर लेकर वह खाद्य विभाग से अपनी पात्रता पर्ची जनरेट करवा सकता है। इसके बाद उसके बीपीएल कार्ड की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। बता दें कि अब तक बीपीएल कार्ड भी दो कलर में बनते थे, इस व्यवस्था से यह भिन्नता भी बंद हो गई। दरअसल, खाद्य विभाग की सभी सेवाओं के लिए लोक सेवा केंद्र में आवेदन करना पड़ता था। अब पात्रता पर्ची को छोड़कर किसी अन्य खाद्य विभाग की सेवा के लिए लोक सेवा केंद्र नहीं जाना होगा। लगातार लोक सेवा केंद्रों में बढ़ रही भीड़ के चलते यह परिवर्तन किया गया है।
सूत्रों की माने तो लोक सेवा केंद्र से कई बार आवेदन समय-सीमा में संबंधित विभाग तक नहीं पहुंच पाते थे, जिससे हजारों की संख्या में बीपीएल कार्ड नहीं बन रहे थे और लोग परेशान हो रहे थे। अब राशन कार्ड बनवाने के लिए लोक सेवा केंद्र में आवेदन नहीं करना होगा। इसके लिए सीधे जिला खाद्य अधिकारी कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा। लोक सेवा केंद्र से यह सेवा डिनोटिफाई हो गई है। राशन कार्ड बनवाने के लिए लगने वाले 30 रुपए भी नहीं लगेंगे। यह सुविधा एक अक्टूबर से प्रदेशभर में लागू हो गई है। इसके लिए जिला खाद्य अधिकारी ज्योति शाह नरवरिया ने एक बाबू की को इसकी जिम्मेदारी दे दी है कि वह पात्रत आवेदन ले।इधर, पात्रता पर्ची भी अब लोक सेवा केंद्र में आवेदन कर मुफ्त में ली जा सकती है। इसके लिए लोक सेवा केंद्र में जाकर राशन कार्ड का नंबर बताना होगा और एक आवेदन देना होगा। वहां से आपकी पात्रता पर्ची डाउनलोड कर दी जाएगी। इस बारे में लोक सेवा प्रबंधक भोपाल प्रसून सोनी का कहना है कि एक सप्ताह पहले लोक सेवा केंद्र से राशन कार्ड बनाने के लिए किए जाने वाले आवेदन की लिंक हटा दी गई है। अब इसके लिए सीधे विभाग या फिर एसडीएम से संपर्क करना होगा।