एएमडी का इलाज न कराने से हो सकता है अंधापन

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लंदन (ईएमएस)। बुजुर्ग लोगों में रेटिना की बीमारियों, जैसे मैक्यूलर डिजनरेशन (एएमडी) का समय पर इलाज न कराने से बुजुर्गों को अंधापन भी हो सकता है। लोगों को यह बताना महत्वपूर्ण है कि एएमडी ग्रस्त रोगियों में डिप्रेशन का स्तर सामान्य बुजुर्गों और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बुजुर्गों के मुकाबले काफी ज्यादा है। वैज्ञानिकों ने उम्र से जुड़े मैक्यूलर डिजनरेशन से जुड़े डिप्रेशन, विजअल एक्यूटी, कोमोरबिडी एंड डिसएब्लेटी और उम्र से जुड़े मैक्यूलर डिजनरेशन का विजन पर पड़ने वाली कार्यक्षमता के इफैक्ट्स ऑफ डिप्रेशन की दिशा में रिसर्च की तो पाया कि एक तिहाई एएमडी रोगी डिप्रेशन में थे। एएमडी को साधारण भाषा में समझा जाए तो जिस तरह कैमरे में मौजूद फिल्म पर तस्वीर बनती है। ठीक उसी तरह से हमारी आंखों के रेटिना में तस्वीर बनती है। अगर रेटिना खराब हो जाए तो आंखों की रोशनी जा सकती है। एएमडी जैसी रेटिना से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण लोगों में जानकारी के अभाव के साथ लक्षणों की पहचान न कर पाना है। जिसकी वजह से बुजुर्गों की आंखों की रोशनी बहुत ज्यादा प्रभावित हो जाती है। इस बीमारी में मैक्यूल (रेटिना के बीच के भाग में) असामान्य ब्लड वैसेल्स बनने लगते हैं। जिससे केंद्रीय दृष्टि प्रभावित होती है और इससे बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। मैक्यूला के क्षतिग्रस्त होने पर इसे दोबारा ठीक करना मुमकिन नहीं है। इससे दुनियाभर में करीब 8,7 फीसदी लोग अंधेपन का शिकार होते हैं।