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ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

भाजपा पार्षद ने जीडीए बोर्ड सदस्यों को लिखा पत्र, हिण्डन पार में सरकारी अस्पताल के लिए मांगी जमीन

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में सरकारी अस्पताल की मांग अब जोर पकड़ रही है। अलग-अलग स्तर से यहां पर सरकारी अस्पताल की मांग उठ रही है। भाजपा की पार्षद नीलम भारद्वाज ने वैशाली से नेहरूनगर तक पद यात्रा कर सरकारी अस्पताल की मांग उठाई थी। उन्होंने भाजपा महानगर कार्यालय पहुंचकर भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा को ज्ञापन सौंपा था। बुधवार को उन्होंने जीडीए के 6 बोर्ड सदस्यों को पत्र लिखा और साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में सरकारी अस्पताल के लिए जमीन देने की मांग की। नीलम भारद्वाज ने जीडीए बोर्ड सदस्य चन्द्रमोहन शर्मा, पवन गोयल, केशव त्यागी, सचिन डागर, हिमांशु मित्तल और कृष्णा त्यागी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में भाजपा पार्षद ने जीडीए बोर्ड सदस्यों से प्रार्थना की कि साहिबाबाद विधानसभा में जहां भी जीडीए की जमीन है वहां पर सरकारी अस्पताल के लिए जीडीए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखने की कृपा करें। भाजपा पार्षद नीलम भारद्वाज ने अपने में लिखा कि साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य के बारे में सोचकर सभी अपना प्रस्ताव देकर अस्पताल की जमीन उपलब्ध कराने की कृपा करें।
सरकार भाजपा की और आपस
में एक-दूसरे से रिक्वेस्ट

जिसकी सरकार होती है वह जन सुविधायें जनता को उपलब्ध कराता है। लेकिन देश की सबसे बड़ी विधानसभा में अजीब नजारा सरकारी अस्पताल की मांग को लेकर है। यहां पर भाजपा के विधायक सुनील शर्मा हैं। लोकसभा सांसद जनरल वीके सिंह भाजपा से हैं। महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा भी इसी विधानसभा में रहते हैं। प्रदेश में सरकार भाजपा की है। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्यमंत्री अतुल गर्ग गाजियाबाद के शहर विधायक हैं। इसके बाद भी ऐसा क्या हुआ कि भाजपा की वार्ड-77 की पार्षद नीलम भारद्वाज को सरकारी अस्पताल की मांग करने वाला लेटर देने के लिए चार घंटे तक पैदल चलकर भाजपा के कार्यालय आना पड़ा। उन्होंने जब जीडीए बोर्ड सदस्यों को पत्र लिखा तो अपने पत्र में सपा पार्षद व जीडीए बोर्ड सदस्य आसिफ चौधरी से कोई अनुरोध नहीं किया। उन्होंने अपनी पार्टी के 6 बोर्ड सदस्यों से जमीन का प्रस्ताव रखने का अनुरोध किया। अब सवाल सियासी गलियारों में है कि सरकार केन्द्र से लेकर राज्य तक भाजपा की है। निगम के सदन में वर्चस्व भाजपा का है। केन्द्रीय मंत्री और राज्यमंत्री भाजपा के हैं। तब ऐसा क्या हुआ कि जो बात सीधे तौर पर रखी जा सकती है उस बात को लेकर भाजपा की पार्षद भरी दोपहर में पैदल चलकर भाजपा कार्यालय आ रही हंै और वह क्या मैसेज देना चाहती हैं। भाजपा की महिला पार्षद जब वैशाली से पैदल चली होंगी तो सूचना तो संगठन से लेकर विधायक तक होगी। ये पत्र उन से रास्ते में ही लिया जा सकता था। आखिर भाजपा अपनी सरकार में पदयात्रा और पत्र यात्रा से क्या मैसेज देने की
कोशिश कर रही है।

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