सबरीमला पर पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई की तिथि पर फैसला आज आईटीओ स्काईवॉक पर इश्क फरमा रहे जोड़ों की निगरानी करेगें बाउंसर्स दिल्ली हाईकोर्ट के चार जजों ने ली पद व गोपनीयता की शपथ बिना बताये घर से गये युवक का शव पेड पर लटका मिला राहुल को शोभा नहीं देता बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का माखौल उड़ाना : भाजपा पीटने की धमकी देने वाले श्रीसंत अखाड़े में नहीं झेल सके दो वार अनावरण कार्यक्रम के लिए सीएम और राज्यपाल को दिया न्योता मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाती है भाजपा सरकार: गहलोत पीएम मोदी फेंकू तो सीएम योगी हैं ठोकू: राज बब्बर महापुरूषों को सम्मान देकर मोदी सरकार इतिहास को ‘राइट’ कर रही : नकवी पिछली सरकार एक ही परिवार को बढ़ावा देती रही
Home / अन्य ख़बरें / भाजपा पार्षद सरदार सिंह भाटी का आरोप

भाजपा पार्षद सरदार सिंह भाटी का आरोप

दरोगा ने ऐंठे मेरे भतीजे से आठ हजार रुपये
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच भगवा सरकार में छत्तीस का आंकड़ा बार-बार देखने को मिलता रहता है। अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। इसका खुलासा भी कई बार जनप्रतिनिधि स्वयं कर भी चुके हैं। अब एक मामला और प्रकाश में आया है,जहां मुरादनगर थाने में एक दरोगा ने कांवड़ लेने जा रहे भाजपा के वरिष्ठ पार्षद व पूर्व निगम उपाध्यक्ष सरदार सिंह भाटी के भतीजे से मोटर साइकिल छोड़ने के नाम पर आठ हजार रुपये ऐंठ लिये। मोटर साइकिल सीज किए जाने का भय दिखाकर रुपये ऐंठने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। निगम पार्षद सरदार सिंह भाटी ने कहा कि वह पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डीजीपी से करेंगे।
बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ पार्षद व पूर्व निगम उपाध्यक्ष सरदार सिंह भाटी का भतीजा राकेश भाटी मंगलवार देरशाम कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार अपनी मोटर साइकिल से जा रहा था। सरदार सिंह भाटी के मुताबिक जैसे ही मुरादनगर थाने के सामने पहुंचा तो थाने में तैनात एसआई ने उसे रोक लिया। एसआई ने मोटरसाइकिल रोकने के बाद दस हजार रुपये मोटरसाइकिल छोड़ने की एवज में मांगे तो राकेश भाटी ने अपना परिचय भाजपा कार्यकर्ता के रूप में देते हुए कहा कि उनके चाचा सरदार सिंह भाटी नगर निगम में पार्षद हैं। दरोगा ने इस बात को सुनने के बाद भी अपनी डिमांड जारी रखी और मोटर साइकिल सीज किए जाने की बातें कहने लगा।
इस बात को सुनकर राकेश भाटी ने अपने पिता को फोन मिलाकर पूरी बात बताई। रात में करीब साढ़े ग्यारह बजे राकेश के पिता मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरी बात फोन पर सरदार सिंह भाटी को बताई तो सरदार सिंह भाटी ने कहा कि मेरी बात दरोगा से कराओ। जब यहीं बातें दरोगा को बताई गई तो उसने बात करने से साफ इंकार कर दिया। बात नहीं करने के बाद करीब रात्रि में एक बजे दरोगा ने आठ हजार रुपये लेकर उसे मौके से मोटर साइकिल लेकर जाने दिया।
विधायक और चेयरमैन की सिफारिश भी ठुकराई
सरदार सिंह भाटी के भतीजे राकेश भाटी ने उस दरोगा को बताया कि मुरादनगर के विधायक अजीत पाल त्यागी हैं और चेयरमैन विकास तेवतियां हैं, हम उन्हें जानते हैं और हम भाजपा के कार्यकर्ता हैं। इस बात को सुनने के बाद भी दरोगा अपनी बात पर अड़ा रहा है और उसने कहा कि विधायक और चेयरमैन के परिचित होने से कोई लाभ नहीं मिलेगा।
दरोगा के व्यवहार से हंू आहत
भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सरदार सिंह भाटी ने कहा कि जिस तरह से एक दरोगा ह ने व्यवहार किया है उससे वह पूरी तरह आहत हैं। सबसे पहली बात मेरा भतीजा राकेश भाटी कांवड़ लेने के लिए जा रहा था। ऐसे में उसकी मोटर साइकिल रोकने का कोई औचित्य नहीं बनता है, यदि बनता भी है तो जिस तरह से उससे पैसे की वसूली की गई वह पूरी तरह से गलत है। पार्टी के नेताओं से बात करने से इंकार करना क्या पुलिस अधिकारियों की हठधर्मिता को नहीं दर्शा रहा है। पूरे मामले की शिकायत मेरे द्वारा सीएम योगी आदित्यनाथ और डीजीपी से की जायेगी और दोषी दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जायेगी।

Check Also

डेंगू का लार्वा मिलने पर 2 संस्थानों के खिलाफ रिपोर्ट

नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली की जनता को डेंगू के प्रति जागरूक करते-करते सरकारी संस्थान खुद …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *