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कोविड वैक्सीन के बाद मलेरिया का पहला टीका विकसित करेगी बायोएनटेक

नई दिल्ली । अपनी एमआरएनए वैक्सीन के साथ कोविड -19 महामारी से निपटने के बाद, योएनटेक लेरिया के लिए अपनी तरह का पहला टीका विकसित करने के लिए उसी तकनीक का उपयोग करने की योजना बना रहा है। इसके लिए 2022 के अंत में क्लीनिकल ट्रायल शुरू करना है। बायोएनटेक की मलेरिया परियोजना मच्छर जनित बीमारी के उन्मूलन में तेजी लाने के लिए केईएनयूपी फाउंडेशन के नेतृत्व में ‘इरेडिकेटमलेरिया’ पहल का हिस्सा है। प्रयासों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) द्वारा सपोर्ट किया जाता है। बायोएनटेक के सीईओ और सह-संस्थापक प्रोफेसर डॉ उगुर साहिन ने कहा, महामारी से पता चला है कि जब सभी एक समान लक्ष्य के लिए मिलकर काम करते हैं तो विज्ञान और नवाचार लोगों के जीवन को बदल सकते हैं। फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्न द्वारा निर्मित कोविड -19 शॉट्स जैसे मैसेंजर आरएनए (एमआरएनए) टीके, मानव शरीर को एक प्रोटीन बनाने के लिए प्रेरित करते हैं जो पैथोजन का हिस्सा है। वे पारंपरिक टीकों की तुलना में तेजी से विकसित होते हैं और आसानी से इंप्लीमेंट किए जा सकते हैं। जर्मनी स्थित बायोएनटेक का उद्देश्य मलेरिया और बीमारी से संबंधित मृत्यु दर को रोकने के लिए टिकाऊ इम्युनिटी के साथ एक सुरक्षित और अत्यधिक प्रभावी एमआरएनए टीका विकसित करना है।

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