एड्स की चपेट में आ रहे ‎‎बिहार के युवा – 2018-19 में 1.38 लाख युवाओं की जांच में 1050 पाए गए एचआईजि पॉजी‎टिव

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(पटना) एड्स की चपेट में आ रहे ‎‎बिहार के युवा
– 2018-19 में 1.38 लाख युवाओं की जांच में 1050 पाए गए एचआईजि पॉजी‎टिव
पटना (ईएमएस)। बिहार के युवा धीरे-धीरे एक गंभीर बीमारी की चपेट में आते जा रहे हैं। ये राज्य के लिए चिंता का विषय है। प्रदेश के 15-24 साल के युवा एड्स जैसी लाइलाज बीमारी की गिरफ्त आ रहे हैं। 2018-19 के आंकड़ों पर गौर करें तो यह चौंकाने वाला है। अगर जागरूकता पर काम न हुआ तो आने वाले सालों में स्थिति भयावह हो सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है कि जांच कराने वालों में से एक फीसदी युवक एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। 2018-19 के दौरान 1.38 लाख युवाओं की जांच की गई, जिसमें से 1050 को एचआईवी थी। राज्य में रहने वाले युवक ही इसकी चपेट में नहीं हैं, अन्य प्रदेशों में काम के सिलसिले में गए बिहार के युवा इस रोग से ग्रसित हो गए हैं। इनमें विभिन्न राज्यों में मजदूरी करने वाले युवा शामिल हैं। चिंता की बात यह है कि जो युवा इस बीमारी से ग्रसित हुआ, उसकी पत्नी और बच्चों को भी यह बीमारी हो गई।
एड्स कंट्रोल सोसायटी के अध्ययन के मुताबिक ज्यादातर युवा ही इसकी चपेट में हैं। इसका प्रमुख कारण है नशा और असुरक्षित यौन संबंध, जागरूकता का नहीं होना, किशोरावस्था में ही असुरक्षित यौन संबंध बनाना और नशे के लिए लगाई जाने वाली सुई प्रमुख कारण है। इसके साथ बीमारी को लेकर युवाओं में अज्ञानता और गलतफहमी भी एक मुख्य कारण है। 1.38 लाख युवाओं में 1050 में ये बीमारी पाई गई। सिर्फ ऐसा नहीं है कि युवा ही इसकी चपेट में हैं। 32.48 लाख गर्भवती महिलाओं में से 689 एचआईवी पॉजिटिव पाई गईं। वहीं 6.94 लाख अन्य वर्ग के लोगों में से 11 हजार इस बीमारी की चपेट में हैं। अगर युवाओं में जागरूकता नहीं आई तो यह बीमारी धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर लेगी।