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दिल्ली में राशन की होम डिलीवरी के पीछे भ्रष्टाचार का बड़ा खेल : प्रसाद

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच राशन की होम डिलीवरी को लेकर तकरार जारी है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मोरोना संकट के दौर में पीड़ा से कराह रहे लोगों तक आक्सीजन और दवा नहीं पहुंचा सके, लेकिन हर घर राशन पहुंचाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि हर घर अन्न पहुंचाने की बात एक जुमला है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार राशन माफियाओं के नियंत्रण में है। देश के 34 राज्यों और केंद्र ​शासित प्रदेशों ने वन नेशन वन राशन कार्ड लागू कर दिया है। सिर्फ तीन प्रदेशों असम, पश्चिम बंगाल और दिल्ली ने इसे लागू नहीं किया है। अरविंद केजरीवाल आपने दिल्ली में वन नेशन वन राशन कार्ड लागू क्यों नहीं किया, इससे आपको क्या परेशानी है, यह बात आपको बतानी चाहिए।
रविशंकर प्रसाद ने केजरीवाल सरकार निशाना साधते हुए कहा कि होम डिलीवरी देखने-सुनने में अच्छी लगती है, लेकिन इसके थोड़ा अंदर जाओ तो इसमें स्कैम के कितने गोते लगेंगे कि इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। आप अपना प्रस्ताव भेजें या भारत सरकार से जो अनाज जाता है, उसी पर खेल खेलेंगे। दिल्ली की राशन की दुकानों में अप्रैल 2018 से अब तक पीओएस मशीन का प्रमाणीकरण शुरु क्यों नहीं हुआ? अरविंद केजरीवाल जी एससी-एसटी वर्ग की चिंता नहीं करते हैं, प्रवासी मजदूरों की चिंता भी नहीं करते, गरीबों की पात्रता की भी चिंता नहीं करते।

रविशंकर प्रसाद ने कहा भारत सरकार देश भर में 2 रुपए प्रति किलो गेहूं, 3 रुपए प्रति किलो चावल देती है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पिछले साल की तरह इस बार भी नवंबर तक गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। चावल का खर्चा 37 रुपए प्रति किलो होता है और गेहूं का 27 रुपये प्रति किलो होता है। भारत सरकार सब्सिडी देकर प्रदेशों को राशन की दुकानों के माध्यम से बांटने के लिए अनाज देती है। भारत सरकार सालाना करीब 2 लाख करोड़ रुपए इसमें खर्च करती है। वन नेशन, वन राशन कार्ड भारत सरकार द्वारा बहुत महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना चल रही है। अभी तक इस पर 28 करोड़ पोर्टेबल ट्रांजेक्शन हुए हैं।

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