झुग्गियों से निकलकर करोड़पति बना बाबा आशु गुरुजी

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नई दिल्ली (ईएमएस)। धर्म और आस्था के नाम पर जो दुकान सजाई वो पूरी की पूरी दुकान ही ढोंग की निकली। लोग खोद आशू महाराज को रहे थे और महाराज में से निकल आया आसिफ खान। गैंगरेप के इलज़ाम में फंसे जिस आशू महाराज को दिल्ली पुलिस दर-दर ढूंढ़ रही है। उसका असली नाम दरअसल आसिफ खान है। जिसे दुनिया विश्वविख्यात ज्योतिषचायर्। हस्तरेखा विशेषज्ञ और काले जादू का महारथी मानकर कोटि कोटि नमन कर रही थी। वो बाबा तो सिर से लेकर पांव तक दगाबाज़ निकला। एक महिला और उसकी बच्ची के साथ छेड़छाड़ ही नहीं। बल्कि अपने हज़ारों लाखों भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है आशु भाई गुरुजी ने जिसे भक्त आशु भाई गुरुजी मानकर चरणों में शीश नवा रहे थे। वो दरअसल आसिफ खान है। और इसकी गवाही वो वोटर लिस्ट दे रही है। जिस पर आशु भाई गुरुजी की तस्वीर लगी है और उसके आगे लिखा हुआ है आसिफ खान पुत्र इदहा ख़ान। वोटर लिस्ट में गलती की गुंजाइश इसलिए नज़र नहीं आती क्योंकि ठीक उसी के नीचे उसी पते पर रहने वाले आसिफ खान के बेटे समर खान की भी तस्वीर लगी है।
यानी एक मुसलमान होने के बावजूद आसिफ़ खान आशु भाई गुरुजी बनकर भक्तों की आस्था से खिलवाड़ करता रहा। तो फिर सवाल ये कि आखिर आसिफ खान क्यों बना आशु भाई गुरुजी। तो इसका जवाब आसिफ खान का इतिहास देगा। आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक आशु भाई गुरुजी ने आसिफ खान बनकर अपने गोरखधंधे की शुरूआत साल १९९० में की।
आशु १९९० तक दिल्ली के वजीरपुर की जेजे कॉलोनी में रहता था। मगर साल २०१८ आते आते वो करोड़ों का मालिक बन गया। आशु के पास सिर्फ करोड़ों रुपये ही नहीं बल्कि कई महंगी कारें भी हैं। सराय रोहिल्ला के पदम नगर इलाके में अपने धंधे शुरूआत की। आशु भाई गुरुजी ने दूसरों का भविष्य बताने का धंधा शुरू किया। जल्द ही आशु भाई गुरुजी को अपना धंधा बंद करना पड़ा। क्योंकि आशु के घर का नौकर उसके ५० लाख रुपये लेकर भाग गया था। शुरूआती दिनों में ही ५० लाख के घाटे ने आशु को पदम नगर से धंधा बंद करने पर मजबूर किया। मगर अब आसिफ खान उर्फ आशु भाई को ये पल्ले पड़ गया था कि खुद का भविष्य भले कैसा हो मगर दूसरों का भविष्य बताने में फायदा बड़ा है। लिहाज़ा पदम नगर से निकलकर आशु भाई ने रोहिणी इलाके में अपना धंधा फिर से शुरु किया।
आशु भाई का भविष्य बताने का ये धंधा इतना फला फूला कि अब आलम है कि दिल्ली के कई इलाकों में बाबा की करोड़ों की प्रापर्टी है। जिसमें प्रीतम पुरा के तरुण एंकलेव में मकान। रोहिणी सेकटर ७ में आश्रम और साउथ दिल्ली के हौज़खास जैसे पॉश इलाके में ऑफिस है। और तो और बाबा ने अब अपना बिज़नेस इतना बढा लिया था कि वो आयुर्वेदिक डॉक्टर भी गया था। जहां इलाज भी खुद करता था और दवाएं भी खुद बनाता था। मतलब एक बार मुर्गा फंस गया तो ये बाबा उसका खून तक चूस लिया करता था।
पैसा कमाने तक तो ठीक था। मगर पैसा कमाने के साथ आशु भाई गुरुजी उर्फ आसिफ खान ने वही गलती कर दी जो उनसे पहले आसाराम बापू, गुरमीत राम रहीम, वीरेंद्र दीक्षित जैसे और दूसरे बाबाओं ने की। यानी महिला भक्तों की अस्मत से खिलवाड़। और यहीं फंस गए आशु भाई गुरुजी। गाजियाबाद की रहने वाली
पीड़ित महिला की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस गुरुजी की तलाश में उनके तमाम संभावित ठिकानों पर दनादन दबिश डाल रही है। कल तक सिंहासन पर बैठकर लोगों को उनका भविष्य बतानेवाले गुरुजी को भागने के लिए ज़मीन कम पड़ती जा रही है। जल्द ही ये बाबा भी वहीं जाएंगे जहां फर्जी बाबाओं की जमात पहले ही पहुंच चुकी है।