कमजोर नहीं है आस्ट्रेलिया की टीम, भारत ने बेहतरीन खेल प्रदर्शित कर हासिल की जीत : प्रवीण

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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने माना कि ऑस्ट्रेलिया को पूर्व कप्तान स्टीवन स्मिथ और डेविड वॉर्नर की कमी खली लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम कमजोर नहीं है। भारत ने हाल ही में 70 साल बाद विराट कोहली की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया में 2-1 से टेस्ट सीरीज अपने नाम की।
भारत को क्या ऑस्ट्रेलिया के अनुभवहीन होने का फायदा मिला, इस पर प्रवीण कुमार ने कहा इसका फायदा कहीं न कहीं भारत को हुआ है, लेकिन फिर भी ऑस्ट्रेलिया को कमजोर कहना सही नहीं है। प्रवीण ने कहा अनुभव न होने का फायदा प्रतिद्वंद्वी को मिलता है। पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम कॉम्पैक्ट थी। मैथ्यू हेडन, एडम गिलक्रिस्ट, रिकी पोटिंग, सब थे।
इस बार डेविड वॉर्नर और स्टीवन स्मिथ के न होने से थोड़ा फर्क तो पड़ा लेकिन फिर भी ऑस्ट्रेलिया की टीम को इतने हल्के में नहीं लिया जा सकता। भारतीय टीम खेल की तीनों प्रारूप में एक बेहतरीन गेंदबाजी इकाई के रूप में उभरी है। ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट और वनडे सीरीज में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा था। प्रवीण का मानना है कि मौजूदा भारतीय टीम में अलग-अलग शैली के गेंदबाज हैं, जिससे टीम को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा इस टीम का गेंदबाजी आक्रमण काफी कॉमपैक्ट है।
प्रवीण ने कहा बड़ा जबरदस्त गेंदबाजी आक्रमण है। कोई चाइनामैन है, कोई लेग स्पिनर है। केदार जाधव भी बीच में अच्छा डाल रहे हैं। मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार में ऐसा कोई नहीं है, जो डेथ ओवरों में गेंदबाजी न कर पाता हो। हमारे चारो-पांचो तेज गेंदबाज डेथ में भी अच्छी गेंद डाल रहे हैं और नई गेंद से भी।
बीच के ओवरों में भी अच्छी गेंदबाजी हो रही है। इससे पता चलता है कि एक इकाई के तौर पर यह सभी अच्छा काम कर रहे हैं। इन लोगों के बीच अच्छा तालमेल है। प्रवीण भारत के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण की वजह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को बताते हैं। उनके मुताबिक आईपीएल ने गेंदबाजों को काफी कुछ सिखाया है। उन्होंने कहा कि आईपीएल बड़ा प्लैटफॉर्म है। आईपीएल ने गेंदबाजों को काफी कुछ सिखाया है-कैसे बचना है, कैसे विकेट लेनी हैं, कैसे डेथ ओवरों में गेंदबाजी करनी है। इससे काफी फर्क पड़ा है। आप भुवनेश्वर कुमार को ही देख लीजिए। सन 2008 में जब वह आया था, तब मेरे ख्याल में वह 120-122 की स्पीड से गेंद करता था। सभी ट्रेनिंग करते गए, अपने आप को फिट रखते गए। इसका काफी फर्क पड़ा है।
प्रवीण ने भारत के लिए 68 वनडे मैच में 77 विकेट लिए थे। तेज गेंदबाज ने छह टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। प्रवीण ने अपने घरेलू राज्य उत्तर प्रदेश से आने वाले भुवनेश्वर की तारीफ करते हुए कहा कि वह काफी जल्दी सीखने वाले गेंदबाज हैं। पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा तब के भुवनेश्वर में और आज को भुवनेश्वर में अंतर है।
उन्होंने काफी जल्दी सीखा है। इसका श्रेय उसकी मेहनत को जाता है। उसने मेहनत की, लोगों से बात की। इसी तरह उसने सीखा और अच्छा गेंदबाज बन गया। प्रवीण ने जसप्रीत बुमराह की तारीफ करते हुए कहा बुमराह पहले से ही अच्छे गेंदबाज थे। चाहे वह टेस्ट खेलें या वनडे या चाहे टी-20, हर जगह अच्छा किया है।