एटीएस का खुलासा- मुंबई-पुणे में आतंकी हमले कराना चाहती थी सनातन संस्था

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मुंबई,(ईएमएस)। हाल ही में मुंबई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा इलाके में बरामद हथियार मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बड़ा खुलासा किया है. एटीएस का कहना है कि हिंदू संगठन सनातन संस्था मुंबई, पुणे सहित कई अन्‍य जगहों पर आतंकी हमले कराना चाहती थी. दरअसल एटीएस ने नालासोपारा मामले में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सनातन संस्था का नाम लिया है. ये पहली बार है कि एटीएस ने सनातन संस्‍था का नाम अधिकारिक रूप से सामने रखा है. एटीएस ने कहा, “आरोपी सनातन संस्था (जिसका मुख्यालय गोवा में है), उसके सहयोगी संगठन ‘हिंदू जागृति’ और ऐसे ही अन्य संगठनों के सदस्य थे. वे तथाकथित हिंदू राष्ट्र की स्थापना की दिशा में प्रयास करने की प्रेरणा से प्रेरित थे जैसा कि मराठी पुस्तक ‘क्षात्र धर्म’ में व्याख्या की गई है. यह किताब सनातन संस्था ने प्रकाशित कराई थी.” एटीएस ने कहा कि गिरोह ने तथाकथित हिंदू धर्म, उसकी परंपराओं, रीति-रिवाजों आदि के खिलाफ बोलने, लिखने और गतिविधि करने वालों को निशाना बनाने के लिए पिस्तौल, बम का उपयोग करने की योजना बनाई थी ताकि आम लोगों को डराया जा सके. जांच में सामने आया कि दिसंबर, 2017 में पुणे में आयोजित वेस्टर्न म्यूजिक कॉन्सर्ट सनबर्न उनके निशाने पर था. आरोप पत्र में शरद कालस्कर (25), वैभव राउत (44), सदभावना गोंढलेकर (39), श्रीकांत पंगारकर (40), अविनाश पवार (30), लीलाधर उखिरडे (32),वासुदेव सूर्यवंशी (19), सुचित कुमार रंगास्वामी (37),भारत कुरने (37), अमोल काले (34), अमित बड्डी (27) और गणेश दशरत मिस्किन (28) के नाम हैं. ये सभी न्यायिक हिरासत में हैं. उन्हें पालघर जिले के नालासोपारा, पुणे, औरंगाबाद और राज्य के अन्य स्थानों से गिरफ्तार किया गया था. उन पर गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ कानून, आईपीसी, हथियार कानून और महाराष्ट्र पुलिस कानून लगाये गये हैं. तीन से चार आरोपी अब भी फरार हैं. इस संबंध में सनातन संस्था के प्रवक्ता चेतन राजहंस ने आरोपियों से कोई संबंध होने से इनकार किया है. गौरतलब हो कि नालासोपारा हथियार बरामदगी मामले में आरोपी शरद कालस्‍कर को पुणे कोर्ट ने 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेजा गया था. दाभोलकर हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई ने शरद कालस्कर की एटीएस से कस्टडी ली थी. अब शरद को मुंबई की आर्थर रोड जेल में लाया जाएगा.