ग ला रहे सेना के प्रयास, आतंकवाद की राह छोड़ मुख्यधारा में लौटे पुलवामा के दो युवक

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श्रीनगर (ईएमएस)। आतंकवाद की राह पकड़ चुके नौजवानों को वापस रास्ते पर लाने के प्रयास के क्रम में सेना ने अभियान शुरू किया है। इसी का नतीजा है कि पुलवामा के दो और युवा आतंक का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में वापस आ गए हैं। परिवार वालों और समुदाय के सदस्यों की मदद से इन दोनों युवाओं को रास्ते पर लाया गया है। दोनों की पहचान सुरक्षा कारणों से गुप्त रखी गई है।
गौरतलब है कि आतंक का रास्ता अपनाने वाले कश्मीरी युवाओं को मुख्यधारा में लाने की मुहिम में सेना जुटी हुई है। इसके लिए सेना हर उस घर का दरवाजा खटखटा रही है जिस घर से किसी ने किसी युवा ने आतंकवाद का रास्ता पकड़ा है। दक्षिण कश्मीर के शोपियां के कामरान खुर्शीद मनहास भी ऐसा ही युवा है, जो आतंकवादी समूह में शामिल हो गया है। करीब चार महीने पहले खुर्शीद घर छोड़कर भाग गया। उसके घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। सेना के अधिकारी उसके परिवार वालों से मिले और उन्हें समझाया कि वह अपने बच्चे को हिंसा छो़ड़कर मुख्यधारा में लौटने का अनुरोध करें। इसी का नतीजा है कि कुछ दिन के प्रयासों के बाद वह घर लौट आया।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक का कश्मीरी युवाओं को आतंक का रास्ता छोड़ बातचीत करने के न्यौते के बाद सेना ने युवाओं को मुख्यधारा में लाने की कोशिश तेज कर दी है। वहीं इससे पहले अमित शाह के गृहमंत्रालय का कार्यभार संभालने के साथ ही पांच युवाओं ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया था। यह सभी युवा हाल ही में अलग-अलग आतंकी संगठनों में शामिल हुए थे। वे अब अपने परिवारों में वापस लौट आए हैं। जानकारी के मुताबिक, 2017 से अभी तक एक दर्जन से अधिक युवा आतंकवाद का रास्ता छोड़ कर अपने परिवार के पास लौट आए हैं।