ईवीएम बदले जाने की चर्चाओं के बीच आयोग व राजनीतिक दल ‘एलर्ट मोड’ पर

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लखनऊ (ईएमएस)। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो जाने के बाद और मतगणना से पहले उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ईवीएम बदले जाने, उसमें छेडछाड करने तथा उनके बदले जाने की चर्चाओं और अपवाहों का दौर चल पड़ा है। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। हालांकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने ऐसी आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि जिन लोगों को इस संबंध में आपत्तियां थीं, उन्हें संबद्ध जिला प्रशासन ने अपनी बात से संतुष्ट किया है। वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने मंगलवार को अपने कार्यकर्ताओं से अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए निर्देषित किया है।
चंदौली में ईवीएम उतारकर मतगणना केन्द्र के एक कमरे में रखने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। चंदौली में रविवार को अंतिम चरण के तहत मतदान हुआ था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय इस सीट से पुनः किस्मत आजमा रहे हैं। एक अन्य वीडियो गाजीपुर का है, जहां सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी अफजाल अंसारी आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन ईवीएम बदलने का प्रयास कर रहा है। वीडियो में अंसारी और उनके समर्थकों की पुलिस के एक अधिकारी से झडप हो रही है। अधिकारी उनसे क्षेत्र को खाली करने का आग्रह कर रहा है लेकिन अंसारी और उनके समर्थक उसकी नहीं सुन रहे हैं। उनका दावा है कि ईवीएम से भरे वाहन को बाहर ले जाने का प्रयास किया गया है। विदित हो कि अंसारी माफिया डान से नेता बने मुख्तार अंसारी के भाई हैं। मुख्तार इस समय बांदा जेल में बंद है। गाजीपुर से अंसारी का मुकाबला भाजपा प्रत्याशी केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा से है। अंसारी ने मांग की कि बसपा के कम से कम दो कार्यकर्ताओं को पास जारी कर परिसर के निकट बैठने दिया जाए जहां पांच अलग-अलग जगहों पर स्ट्रांग रूम में ईवीएम रखी गयी हैं।
इस बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी वेंकटेश्वर लू ने सोशल और इलेक्ट्रानिक मीडिया पर व्यक्त उक्त आशंकाओं को निर्मूल करार दिया। गाजीपुर प्रकरण पर उन्होंने बताया कि प्रत्याशी ईवीएम पर नजर रखने के लिए अधिक संख्या में लोग वहां चाहते थे। जिलाधिकारी ने उन्हें अपनी बात से संतुष्ट कर दिया है और जो लोग विरोध कर रहे थे, वापस लौट गये हैं। लू ने बताया कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान कर रहे हैं। वहां सीसीटीवी लगाये गये हैं। प्रत्याशियों को अपने प्रतिनिधियों के जरिए स्ट्रांग रूम पर नजर रखने की अनुमति दी गयी है। सभी आशंकाएं निर्मूल हैं। राजनीतिक दलों ने हालांकि अपने नेताओं, प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे अतिरिक्त सतर्कता बरतें। सभी विपक्षी दलों ने अपनी जिला एवं नगर इकाइयों को निर्देश जारी कर कार्यकर्ताओं से मतगणना के लिए तैयार रहने को कहा है। मतगणना के दौरान अनियमितता की आशंका के चलते विपक्षी दलों के आला कमान ने अपने कैडरों से कहा है कि वे स्ट्रांग रूम की सुरक्षा बनाये रखने में किसी तरह की ढिलाई ना करें।