प्रशासन जुटा सीकरी मेले की तैयारी में

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अरूण वर्मा (करंट क्राइम)

मोदीनगर। गांव सीकरीखुर्द में देवी महामाया के मंदिर में प्रत्येक चैत्र मास की षष्ठी, सप्तमी व अष्टमी को लगने वाले ऐतिहासिक व धार्मिक मेले की तैयारियों के लिये स्थानीय प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन इस विशाल ऐतिहासिक मेले के आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराये जाने को लेकर कोई कोर कसर बाकी छोड़ने के मूड में नहीं है।
इस वर्ष मेले का आयोजन एसडीएम पवन कुमार अग्रवाल की देखरेख में कराये जाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने अब तक कई बार मेला परिसर का निरीक्षण कर संबन्धित विभागों को दिशा निर्देश जारी किये है। मेला परिसर में पाई गई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर कराये जाने के आदेश दिये गए हैं। मेले में हर वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष भी 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के आने के कयास लगाये जा रहे हंै। यह ऐतिहासिक मेला प्राचीन समय से लगता चला आ रहा है। प्रथम नवरात्र को आरंभ होने वाले इस मेले के धार्मिक स्थान से एक घटना भी जुड़ी है।
आईये जानते हैं इस ऐतिहासिक घटना को
मंदिर प्रांगण में एक विशाल बरगद के पेड़ पर अंग्रेजी हुकूमत के समय ईस्ट इंडिया कंपनी के तत्कालीन जोन ब्रिटिश कलेक्टर ने सैकड़ों क्रांति वीरों को लटका कर फांसी दे दी थी। आज भी इस विशाल बूढ़े हो चुके बरगद के पेड़ को सलामी देकर लाखों लोग उन वीर सपूतों को नमन कर याद करते हंै, जिन्होंने देश की आजादी के लिये हंसते हुये अपनी कुर्बानी दी थी। इतना ही नहीं ऐसा मानना है कि हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुगण इस मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अपनी मन्नतें पूरी करते हैं।
श्रद्धालुगण देवी मंदिर में ढोल नगाड़ों के साथ झूमते गाते हुये आते हंै तथा मंदिर परिसर में ही स्थापित मां की प्रतिमा के समक्ष एकरात बिताने के बाद ही गंतव्य के लिये वापस जाते हैं। देवी मंदिर के चारों ओर कई बीघा भूमि में लगने वाले इस मेले को लोग नौचंदी मेले का नाम भी देते हंै। इस मेले का मीना बाजार भी विश्व प्रसिद्ध है। आश्चर्य तो यह है कि इस मेले में उच्च क्वालिटी के लहसुन की बिक्री के लिये कई प्रदेशों से व्यापारी आते हंै और करीब 30 से 40 ट्रक लहसुन की बिक्री यहां होती है। जिसमें व्यापारी अच्छा मुनाफा कमाकर मां का गुणगान करते हैं। मेले में गधे, घोड़े व खच्चरों का विशाल बाजार भी लगता है। उत्तर प्रदेश सहित हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल आदि राज्यों से भी बड़े व्यापारी व घोड़े के शौकीन यहां आते हंै। सेना व अन्य फोर्स के लिये भी यहां अच्छी नस्ल की खरीद फरोख्त होती है।
नवरात्र के प्रथम दिन ही हवन, पूजा-अर्चना के बाद मेले का शुभारंभ किया जाता है। सीओ राजेश कुमार ने बताया कि मेले में पुलिस चौकी के अलावा एक कंट्रोल रूम, घोड़ों पर सवार होकर दर्जनभर पुलिस कर्मी असामाजिक तत्वों पर निगरानी करते हैं तथा सीसीटीवी कैमरे भी लगाये जायेगें। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा-व्यवस्था के लिये महिला पुलिस कॉस्टेबिलों की तैनाती होगी। जिसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
मेला परिसर के सौंदर्यीकरण की तैयारी, शीघ्र छोड़े जायेेंगे ठेके
आईएएस एसडीएम पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि मेला परिसर व महामाया देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण व साफ-सफाई आदि के लिये तैयारियां की जा रहीं हंै। मेला हेतु विभिन्न कार्यों के लिये ठेका छोड़े जाने की प्रक्रिया प्रारंभ है। उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। विकास खण्ड भोजपुर व स्थानीय पालिका सहित ग्राम पंचायत क्षेत्र के अधिकारियों से चर्चा के उपरांत ठेका छोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन सामंजस्य न होने के कारण विलंब हो रहा है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेले को शांतिपूर्ण ढंग व आधुनिक सुविधाओं से लैस कराकर संपन्न कराये जाने के निर्देंश दिये गये हंै। मां के दर्शन के लिये आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये मेला स्थल पर आराम गृह, पानी, बिजली, मोबाइल वैन, सुरक्षा, पार्किंग, खोया पाया प्रसारण केंद्र, शौचालय आदि की सुंदर व्यवस्था कराये जाने की युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही है। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायेगें।