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उत्तर प्रदेश

हापुड में मामूली बात पर चलीं गोलियां, एक ही परिवार के 8 लोग घायल, दो ही हालत गंभीर

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हापुड। करंट क्राइम। हापुड जिले के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर में मामूली विवाद पर जमकर लाठी- गोली चली, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। रविवार की शाम हुए एक मामूली विवाद ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। भैंसा बुग्गी को रास्ता न मिलने पर विवाद की शुरुआत हुई थी। विवाद में एक ही परिवार के आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दो घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया है।
घटना रविवार की शाम चार बजे शुरू हुई थी, जब गांव निवासी सुंदर का बेटा अमन भैंसा बुग्गी से चारा लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में संजय और उसके भाई प्रेमपाल के घर के बाहर कार और ट्रैक्टर खड़े थे, जिससे रास्ता संकरा हो गया। अमन ने वाहन हटाने को कहा तो बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गई। मारपीट की जानकारी मिलने पर सुंदर पक्ष के लोग देर शाम घटना का विरोध जताने के लिए संजय के घर पहुंचे।
आरोप है कि संजय और प्रेमपाल पक्ष के कई लोग लाइसेंसी बंदूक लेकर छत पर जमा हो गए और नीचे मौजूद सुंदर पक्ष के लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी-अपनी जान बचाने के लिए घरों में दुबक गए।
फायरिंग में सुंदर पक्ष के आयुष, निखिल, रवि, विजय, अनुज, आकाश, संत और माही घायल हो गए। सभी को तुरंत हापुड़ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रवि और आयुष की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। बाकी घायलों का उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।
थाना प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपित पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं।

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उत्तर प्रदेश

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने चंदौली में किया न्यायालय परिसर का शिलान्यास, छह जिलों में बनेगा परिसर

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चंदौली। करंट क्राइम। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत यूपी के दो दिवसीय दौरे पर हैं। शनिवार को दूसरे दिन जस्टिस सूर्यकांत ने चंदौली में 15 सौ करोड़ के न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया। चंदौली पहुंचने पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ पंकज मित्तल, मनोज मिश्रा, राजेश बिंदल के साथ हाई कोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी भी मौजूद थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा कि न्याय के लिए लड़ने वाले, जूझने वाले हमारे अधिवक्ता स्वयं दिन की रोशनी में खुले में बैठेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के छह जनपदों में एक साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। ये जनपद हैं चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि यह पहल भारत के न्यायिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होने वाला एक नया अध्याय सिद्ध होगी।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के पास जब भी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्य आते हैं, उन्हें पूरा करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होती। हमारे पास इन कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है, क्योंकि यदि हमें सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो न्यायिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ व सुविधा संपन्न बनाना अनिवार्य है।

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उत्तर प्रदेश

मानवता हुई शर्मसार, मां का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने पहुंचा 8 साल का मासूम

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एटा। करंट क्राइम। एटा में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। अपनों की बेरुखी के बीच एक आठ साल का बच्चा अपनी मां के शव के साथ अकेला खड़ा रहा। पिता को पहले ही खो चुके इस मासूम को कंधे के लिए चार लोग तक नसीब नहीं हुए। जिसके बाद वह खुद मां का शव लेकर जिला मुख्यालय पहुंचा।
एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का आठ साल का एक मासूम अपनी मां नीलम का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने जिला मुख्यालय पहुंचा।
दरअसल, एक साल पहले पिता की एचआईवी से मौत होने पर रिश्तेदारों और पडोसियों ने परिवार से दूरी बना ली थी। बच्चे के पास कोई सहारा नहीं बचा है। पुलिस ने अंतिम संस्कार और मदद का जिम्मा लिया।
इस घटना ने समाज के क्रूर चेहरे को उजागर किया है। मासूम के पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी और मां गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। बच्चे ने अकेले ही फर्रुखाबाद, कानपुर और दिल्ली तक मां का इलाज कराया। पिछले आठ दिनों से वह मेडिकल कॉलेज में दिन-रात सेवा कर रहा था। मां की मौत के बाद जब कोई रिश्तेदार कंधा देने नहीं आया, तो यह छोटा सा बच्चा समाज की बेरुखी के बीच अकेला डटा रहा।
बच्चे का कहना है कि चाचा और अन्य रिश्तेदारों की नजर उसकी जायदाद पर है, लेकिन बीमारी के दौरान किसी ने एक रुपया भी खर्च नहीं किया।

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बेटी के जन्म लेने की खुशी में 13 स्कॉर्पियो का काफिला लेकर घर पहुंचा परिवार, ढोल नगाडे भी साथ थे

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हमीरपुर। करंट क्राइम। जिले में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने 13 स्कॉर्पियो का काफिला निकाला। हाईवे पर आगे गुब्बारों से सजी गाड़ियां चल रही थीं। पीछे बैंड-बाजे, डीजे और ढोल-नगाड़े बज रहे थे। लोग नाचते-गाते घर तक पहुंचे। घर पहुंचते ही परिवार की महिलाओं ने बच्ची का बैंड बाजों के साथ ग्रैंड वेलकम किया। बच्ची का जन्म मंगलवार को हुआ। परिवार में एक पीढ़ी के बाद बेटी का जन्म हुआ है। पूरे सेलिब्रेशन का वीडियो भी सामने आया है। मामला मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर का है।
मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर में अंजुम परवेज उर्फ राजू के परिवार में लंबे समय बाद बच्ची का जन्म हुआ है। ये खबर जैसे ही डॉक्टरों ने राजू के परिवार को दी, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
एक गाड़ी में राजू और उनकी पत्नी निखत बच्ची को लेकर बैठीं, जबकि बाकी गाड़ियों में परिवार और रिश्तेदार थे। गाड़ियों का काफिला घर पहुंचा, तो इस खुशी के मौके पर मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए।

2 दिन पहले बच्ची का जन्म हुआ राजू की पत्नी निखत फातिमा को 2 दिन पहले मंगलवार को घर से एक किमी दूर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। परिवार बेटी होने की प्रार्थना कर रहा था। उसी रात निखत ने बेटी को जन्म दिया।

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