Current Crime
अन्य ख़बरें उत्तर प्रदेश ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

58 लाख भोजन के पैकेट्स का कराया गया वितरण, गुणवत्ता की कोई शिकायत नहीं

गाजियाबाद। कोरोना वायरस कोविड-19 के संकमण से जनपदवासियों को सुरक्षित रखने के दृष्टिगत गाजियाबाद जिला प्रशासन ने प्राथमिकता पर लॉक डाऊन को और अधिक प्रभावी सख्ती से लागू किया । इस दौरान जनपद गाजियाबाद की सीमा से होकर अपने गन्तव्य को जाने वाले दिल्ली एवं अन्य प्रान्तों के प्रयासी श्रमिक ध् मजदूरों का प्रशासन द्वारा पूरा ख्याल रखा गया। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कोई व्यक्ति भूखा न रहें, इसका अनुपालन जिला प्रशासन ने पूरी ईमानदारी, निष्ठा एवं पूर्ण सेवाभाव से किया । शासन के निदेर्शानुसार जनपद में लॉक डाउन अवधि में फंसे श्रमिकों को जिला प्रशासन ने उनके घरों गन्तव्यों को बसों के माध्यम से भेजा गया । रवानगी से पूर्व प्रशासन ने सभी बसों को सेनेटाईज्ड कराया सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराया गया । मौके पर जाने वाले श्रमिकों के लिए खाने . पीने के पर्याप्त इंतेजाम किये गये । इस दौरान जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटियों इस प्रकार लगायी गयी कि जनपद में आने वाले प्रवासी श्रमिक मजदूर तथा गरीब एवं असहाय व जरूरमंद लोगों को खाने . पीने की कोई समस्या न हो सके । जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि जनपद में जरूरमन्द लोगों को प्रतिदिन सुबह . शाम दोनों समय भोजन के पैकेट्स का वितरण प्रत्येक सुनिश्चित कराया जाये ए जनपद में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहें । इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने लॉक डाऊन के शुरूआती दौर में सामुदायिक किचनों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता हेतु लिखित में आदेश दिये थे कि वह कभी भी किसी भी किचन का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता को स्वयं परखेंगे । इसके अतिरिक्त खाने की गुणवत्ता के दृष्टिगत फूड सेफ्टी अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा . निर्देश दिये गये । जिलाधिकारी के आदेश के प्रभाव से सामुदायिक किचनों के स्टाफ प्रबन्धन चौकन्ना रहा तथा द्वारा पूरी सतर्कता रखते हुए भोजन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया । आपदा राहत के तहत सम्पूर्ण जनपद में एकीकृत खाद्य वितरण प्रणाली लागू की गयी। जनपद को तहसीलवार, थानावार विभाजित करते हुए भक दशा में सरकारी कम्युनिटी किचन एवं स्वैच्छिक संस्थाओं एनजीओ द्वारा संचालित किचन कुल 75 के माध्यम से भोजन सामग्री ,भोजन, फूड पैकेट्स का वितरण कराया गया । लॉक डाऊन अवधि में जनपद में कुल 75 सरकारी गैर सरकारी किचन संचालित रहीं ए जिनके माध्यम से निराश्रित लोग, कोरेनटाइन में ठहराये गये लोग एवं प्रवासी अमिक मजदूरों को प्रतिदिन सुबह . शाम दोनों समय भोजन के पैकेट्स उपलब्ध कराये गये । लॉक डाउन अवधि में 75 सरकारी एवं गैर सरकारी किचनों के माध्यम से 58 लाख से अधिक खाने के पैकेट्स जरूरतमंद लोगों में वितरण कराये गये । इस दौरान बड़ी बात यह रही कि खाने की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की कोई शिकायत नही मिली । इसका रहस्य यह है कि जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय लॉक डाऊन अवधि में प्रत्येक दिन किसी न किसी सामुदायिक किचन का औचक निरीक्षण करते थे और वे सम्बन्धित किचन का स्वयं खाना खाकर भोजन की गुणवत्ता चैक करते रहें । यही सबसे बड़ा कारण रहा की भोजन गुणवत्ता सम्बन्ध में कोई शिकायत नहीं मिली । जनपद गाजियाबाद पहला जिला है, जहां के जिलाधिकारी सामुदायिक किचन में बने भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं खाना खाकर भोजन की गुणवत्ता चैक करते रहें । जिलाधिकारी का कन्टेंमेंट था कि भोजन की गुणवत्ता के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का कोई समझौता नही किया जायेगा ए इसके लिए उन्होंने स्वयं को गुणवत्ता को परखने हेतु नियोजित कर दिया।

Related posts

Current Crime
Ghaziabad No.1 Hindi News Portal
%d bloggers like this: