ग़ाजियाबाद
गाजियाबाद में तीन तलाक देकर गर्भवती पत्नी को घर से निकाला, पीड़िता का सवाल – क्या योगी राज में मुझे इंसाफ नहीं मिलेगा?
गाजियाबाद। Current Crime शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र की पप्पू कॉलोनी में रहने वाली हुमा न्याय की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि शादी के मात्र पांच महीने बाद उनके पति फिरोज ने उन्हें तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया, जबकि वे चार महीने की गर्भवती हैं।
हुमा की शादी पांच महीने पहले रठौड़ निवासी फिरोज से हुई थी। शादी के समय से ही दहेज की मांग को लेकर तनाव बना रहा। हुमा का कहना है कि फिरोज और उसके परिजन चाहते थे कि शादी में स्विफ्ट कार के बजाय ब्रेज़ा दी जाए, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण केवल स्विफ्ट दी गई। इस चर्चे को लेकर विवादों का दौर चलता रहा।
अब जब हुमा गर्भवती हैं, तो उनके पति ने उन्हें तीन तलाक देकर घर से बाहर कर दिया। उनका कहना है कि न ही ससुराल वाले उन्हें अपनाने को तैयार हैं और न ही मायके में स्थायी समाधान मिल रहा है।
उन्होंने मांग की कि पति फिरोज के खिलाफ तीन तलाक कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। गर्भावस्था के दौरान उनके खान-पान, रहने और इलाज की व्यवस्था की जाए। ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज किया जाए।
हुमा ने कहा, “क्या योगी राज में एक गर्भवती महिला को केवल इस वजह से तीन तलाक देना सही है कि उसने ब्रेज़ा कार नहीं दी?”
पीड़िता ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें जल्द ही न्याय नहीं मिला, तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में जाकर अपनी समस्या बताने के लिए जाएंगी।
ग़ाजियाबाद
मां का क्रूर चेहरा आया सामने, गोली लेने के बाद भी हुई बच्ची तो छत पर पटककर ले ली जान
गाजियाबाद। करंट क्राइम। गाजियाबाद से एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आ रही है। दरअसल, सिहानी गेट थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह मकान की छत पर मृत हालत में नवजात बच्ची की लाश मिली थी। अब जांच में सामने आया कि मां ने ही बच्ची को पटककर मारा था। हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी मां को हिरासत में ले लिया है।
घटना यहीं तक नहीं है। दरअसल, गर्भपात के लिए गोलियां लेने के बाद भी बच्चा ठहर गया। बच्चा होने पर मां ने उसे पटककर मार डाला। पुलिस ने आरोपी झरना से पूछताछ की तो परिजनों ने दावा किया था कि बच्ची मृत अवस्था में पैदा हुई और घबराकर उसे छत से खाली प्लॉट की ओर फेंक दिया गया, लेकिन वह पड़ोसी की छत पर जा गिरी। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया तो पता चला की बच्ची जिंदा पैदा हुई थी और उसकी मौत चोट लगने से हुई है।
पुलिस ने इसके आधार पर झरना को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। उसका कहना था कि वह गरीब है और अभी बच्चा नहीं चाहती थी। उसने गर्भ में ही गर्भपात कराने के लिए दवाई ली थी, लेकिन बच्ची जिंदा पैदा हो गई। इसीलिए बच्ची को पड़ोसी की छत पर पटक दिया।
ग़ाजियाबाद
गाजियाबाद के मसूरी में मकान की छत उडी, चल रहा था अवैध पटाखा कारोबार
गाजियाबाद। करंट क्राइम। यहां के मसूरी थाना क्षेत्र के के तहत मसूरी गांव में गुरुवार देर रात एक मकान में विस्फोट हो गया। विस्फोट होते ही पूरे गांव में हडकंप मच गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। जिस मकान में यह हादसा हुआ उसकी छत का एक हिस्सा पूरी तरह उड़ गया।
मकान को किराए पर लिया गया था और इसके अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा था। पटाखा बनाते समय अचानक बारूद में आग लग गई, जिसके कारण यह भीषण विस्फोट हुआ। हादसे में मकान के अंदर मौजूद दानिश नामक एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। विस्फोट के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की और दौड़े।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। एसीपी मसूरी लिपि नगायच ने बताया कि पुलिस को डायल 112 के माध्यम से मसूरी गांव में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पता चला कि मकान में विस्फोट हुआ है। इस मकान को दानिश नाम के व्यक्ति ने किराए पर लिया हुआ था और वह यहां अवैध रूप से पटाखे बनाने का कार्य करता था। इस विस्फोट में दानिश घायल हुआ है। अन्य किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
ग़ाजियाबाद
अगर मै संसद में होता तो मोहिबुल्लाह नदवी का जिहाद का भूत उतार देताः यति नरसिंहानंद गिरी, देखें वीडियो
गाजियाबाद। करंट क्राइम। शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कल संसद में सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के जिहाद के आह्वान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर वो संसद में होते तो जूते से पीट पीट कर इस जिहादी मोहिबुल्लाह नदवी के जिहाद का भूत उतार देते।
वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि आज कोई मदनी, कोई नदवी जिहाद की धमकी देकर लोकतंत्र और संविधान की औकात बता रहा है। अगर संसद में कोई मर्द होता तो वो इस नदवी को जूते से मारता। संपूर्ण हिंदू समाज ने अपने अस्तित्व को जिन नेताओं के भरोसे पर छोड़ रखा है वो सब इस जिहादी के समक्ष मौन हो गए।
उन्होंने कहा कि जो लोग संसद में जिहाद का विरोध नहीं कर सके वो संसद से बाहर जिहाद से कैसे लड़ सकते हैं। ऐसे लोगों की जननी को नमन हैं जिन्होंने ऐसे पुत्रों को जन्म दिया है। साथ ही उन सभी हिंदुओं की माताओं को भी नमन है जो ऐसे नेताओं पर विश्वास करते हैं।
