गेहूं की बुआई के लिए खेतों में पानी ना होने से संकट में 3 हजार किसान

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नैनीताल (ईएमएस)। किसानों की आय दोगुनी करने का सरकार का वादा जमीनी हकीकत पर इसके बिल्कुल विपरीत है। नैनीताल में काश्तकारों को खेती के लिए पानी ना मिलने के कारण खेत बंजर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस समस्या के चलते अब 3 हजार किसानों के सामने खेतों की बुआई को लेकर संकट खड़ा हुआ है। बासमती की महक और गेहूं की खेती के लिए मशहूर कोसी घाटी का क्षेत्र पानी की किल्लत से जूझ रहा है। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी ना होने की वजह से 3000 से अधिक किसानों के खेत बंजर होने की कगार पर है। पानी आने के इंतजार में ट्रैक्टर भी खेत पर ही खड़े हुए हैं। इस मामले में सरकारी नुमाइंदे से गुहार लगाने के बावजूद भी खेतों तक पानी नहीं पहुंचा है। हालत यह है कि नहर कई स्थानों पर टूट चुकी है। जहां नहर ठीक है वह मिट्टी, पत्थर या फिर झाड़ उग आए हैं। सिंचाई के लिए पानी ना मिलने के चलते तिवाड़ी गांव, जोशी खोला, घिरौली के ग्रामीण सरकार से काफी नाराज है। साथ ही वह लोग सरकार से नाराज है, जो अपनी मिट्टी से जुड़ने पहाड़ लौटे हैं। बता दे कि बेतालघाट के इस क्षेत्र में बासमती के साथ गेहूं सहित अन्य फसलें उगाई जाती है। परंतु 2010 में आपदा के बाद यहां की नहर टूट गई थी। सरकारी अधिकारियों व सरकारों को ग्रामीणों ने नहर ठीक करने के लिए पत्र भी लिखें, परंतु कोई परिणाम नहीं निकला।