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ग़ाजियाबाद

गाजियाबाद में अब किरायेदारों के लिए रेंट एग्रीमेंट की होगी रजिस्ट्रेशन, कानूनी रूप से मान्य होंगी शर्तें

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गाजियाबाद। राज्य में अब रेंट एग्रीमेंट की रजिस्ट्री भी होगी, जिससे रजिस्टर्ड एग्रीमेंट पर अंकित शर्तें कानूनी रूप से मान्य हो जाएंगी। इसका सबसे बड़ा लाभ गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों में निवास करने वाले निवासियों को होगा, जहां लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या किराए के मकानों और फ्लैटों में रहती है।

बार एसोसिएशन गाजियाबाद के सचिव दीपक शर्मा ने बताया कि इस पहल की घोषणा की गई है। यह तब ही प्रभावी होगी जब कैबिनेट में प्रस्ताव पारित होगा। अधिवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि रजिस्टर्ड एग्रीमेंट पर उल्लिखित शर्तें ही अदालत में मान्यता प्राप्त होंगी। उन्होंने आगे बताया कि एग्रीमेंट की रजिस्ट्री के बाद अदालत में दावा भी केवल रजिस्टर्ड एग्रीमेंट पर ही आधारित होगा।

संपत्ति की सुरक्षा और विवादों में कमी आएगी

रेंट एग्रीमेंट की रजिस्ट्री से संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और विवादों में भी कमी आएगी। उल्लेखनीय है कि इसके लिए स्टाम्प शुल्क कम रखा गया है। एक साल से अधिक की अवधि के लिए रेंट एग्रीमेंट पर न्यूनतम स्टाम्प शुल्क 500 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक होगा। अधिवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि रजिस्टर्ड एग्रीमेंट पर लिखी शर्तें कानूनी रूप से मान्य होंगी, और इसी आधार पर अदालत में दावा पेश किया जा सकेगा। कानून बनने के बाद मकान मालिक और किरायेदार के बीच होने वाले विवादों में कमी आएगी। वर्तमान में, स्टाम्प शुल्क किराए और अवधि के आधार पर निर्धारित होता है।
किरायेनामे की पंजीकरण से दोनों पक्षों का हित सुरक्षित होगा, और पंजीकरण के पश्चात, एग्रीमेंट की शर्तों को कानूनी मान्यता प्राप्त होगी।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में रेंट एग्रीमेंट पर उच्च स्टाम्प शुल्क के कारण बहुत कम लोग इसे पंजीकृत कराते हैं। गाजियाबाद में अधिकांश लोग 100 रुपये के स्टाम्प पर किराए का समझौता कर लेते हैं, लेकिन इसका कोई कानूनी मूल्य नहीं होता।

गाजियाबाद में घर, फ्लैट, दुकान और ऑफिस किराए पर लेने वालों की संख्या लाखों में है। यहां लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या किराए के आवास, फ्लैट या दुकानों में निवास करती है, जिसके कारण थाने और अदालतों में मकान मालिक और किरायेदार के विवादों के मामले लगातार आते रहते हैं। गाजियाबाद की अदालतों में चल रहे मुकदमों में अधिकांश मामलों में लगभग 10 प्रतिशत मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद से संबंधित हैं।

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गाजियाबाद के लोनी में जले हुए ऑटो के अंदर मिली एक व्यक्ति की जली हुई लाश

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गाजियाबाद। करंट क्राइम। लोनी के ट्रोनिका सिटी थाना में एक व्यक्ति के जली हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई। व्यक्ति की लाश एक जले ही ऑटो के अंदर मिली है। औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर डी वन घिटोरा मार्ग के किनारे बंजर जमीन पर बुधवार सुबह लोगों ने एक जला हुआ ऑटो देखा। करीब से देखने पर ऑटो के अंदर जली हुई लाश मिली।
जानकारी के अनुसार, मार्ग से 100 मीटर की दूरी नीचे खेत पर जले हुए एक आटो के अंदर एक आदमी बुरी तरीके से जला हुआ मिला।
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुला कर पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि यह ऑटो यहां कैसे आया और किसका है। अभी शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

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गाजियाबाद में महिला दारोगा को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

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गाजियाबाद। करंट क्राइम। जिले में महिला थाने में तैनात दारोगा भुवनेश्वरी सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। मामला दहेज के मामले की जांच से जुड़ा हुआ है।
आरोपी दारोगा सितंबर में महिला थाना पुलिस द्वारा एक बदमाश का एनकाउंटर करने वाली टीम में भी शामिल थी। महिला दारोगा की रिपोर्टिंग चौकी साहिबाबाद में तैनाती है। मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली है।
मेरठ की एंटी करप्शन की टीम ने कार्रवाई की है। दहेज उत्पीड़न के एक मामले में आरोपी का नाम निकालने की एवज में रिश्वत मांग रही थी। साहिबाबाद थाने पर मुकदमा लिखा जा रहा है।

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गाजियाबाद में युवक ने 11वीं मंजिल से छलांग लगाकर की आत्महत्या, पहले काटी थी हाथ की नस

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गाजियाबाद। करंट क्राइम। यहां की इंदिरापुरम कॉलोनी की एक सोसाइटी में एक 28 वर्षीय युवक ने 11वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना 12 जनवरी की रात करीब 2ः00 बजे की है। युवक लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहा था, जिसका इलाज फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था। इंदिरापुरम स्थित जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसाइटी के टावर-।, फ्लैट नंबर 1104 में रहने वाले यज्ञ पांडे ने अपनी बालकनी से नीचे छलांग लगा दी। कूदने से पहले युवक ने अपने हाथ की नस भी काट ली थी। परिजन आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल यज्ञ को लेकर संजय नगर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता सुभाष चंद्र पांडे एक मीडिया कंपनी से रिटायर बताए जा रहे हैं. यज्ञ खुद एक एडवरटाइजिंग कंपनी में कार्यरत था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि यज्ञ पिछले काफी समय से गहरे डिप्रेशन से जूझ रहा था। उसका इलाज नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था।

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