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नोएडा

नोएडा में यमुना प्राधिकरण के CEO पद पर डॉ. अरुणवीर सिंह 30 जून तक बने रहेंगे

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नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास विभाग ने आईएएस डा. अरुणवीर सिंह का कार्यकाल एक बार फिर छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। वे यमुना प्राधिकरण में 30 जून 2025 तक सीईओ के रूप में बने रहेंगे। यह उनके द्वारा सीईओ की भूमिका संभालने का सातवां अवसर है। डा. अरुणवीर सिंह के फिर से सीईओ बनने पर उन्हें बधाइयाँ और शुभकामनाएँ देने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

डा. अरुणवीर सिंह के पास उत्तर प्रदेश सरकार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ हैं, जिसके मद्देनजर डीओपीटी ने उनके सेवा विस्तार की अनुमति दी है। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विश्वासपात्र प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे जुलाई 2016 में यमुना प्राधिकरण के सीईओ बने थे, और तब उन्होंने प्राधिकरण की कमान संभाली जब यह भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। उनकी मेहनत और समर्पण के कारण आज यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में न केवल देश से, बल्कि विदेशों से भी व्यापार और निर्यात के लिए लोग आ रहे हैं। यहाँ एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट), फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क एवं अन्य परियोजनाओं का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे क्षेत्र की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ी है। इसमें डा. अरुणवीर सिंह का बड़ा योगदान माना जा रहा है।

यह ध्यान देने योग्य है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के प्रोजेक्ट के संदर्भ में योगी आदित्यनाथ ने यह निर्णय लिया है कि यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उचित और सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया जा सके।

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नोएडा

नोएडा पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में पुलिस हुई हाईटेक, दो दर्जन स्कॉर्पियो और इनोवा को दिखाई हरी झंडी

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नोएडा। करंट क्राइम। जब से प्रदेश की चर्चित आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह को गौतमबुद्धनगर पुलिस की कमान सौंपी गई है, तभी से नोएडा और ग्रेटर नोएडा पुलिस हाईटेक हो गई है। जिले में अपराधियों को अब हिम्मत नहीं हो रही है कि वे जिले में अपराध करके दिखाए। अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। घटनाओं को सुलझाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पुलिसिंग को और बेहतर बनाने के लिए करीब एक दर्जन स्कॉर्पियो और इनोवा गाडियां पुलिस को दी गई। नौएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि नए वाहनों को शामिल करने से पुलिस गश्त और मजबूत होगी। ये वाहन रात के समय नोएडा और ग्रेटर नोएडा में गश्त में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ग्रामीण इलाकों में पुलिस की गश्त बढाई जा रही है।

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नोएडा

इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में लटकते मिली छात्र की लाश, पुलिस जुटी जांच में

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नोएडा। करंट क्राइम। नोएडा के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के तृतीय वर्ष के एक छात्र ने सुसाइड कर लिया है। छात्र की लाश उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटकी मिली। छात्र की पहचान कृष्णकांत (25) के रूप में हुई है, जो झारखंड का निवासी है।
पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा हैः “मैं हार मानता हूं”। अपना शरीर और अपना सारा सामान मेरे परिवार को सौंपता हूँ।
कृष्ण कांत के रूम मेट ऋतिक ने कहा कि कृष्णकांत ने दिन में पहले अपने पिता से बात की थी और कुछ ऐसा कहा था जिससे उन्हें चिंता हुई। घबराए पिता ने ऋतिक को फोन किया और उसे तुरंत अपने बेटे का हालचाल जानने के लिए कहा।

हृतिक उस समय हॉस्टल में मौजूद नहीं था, इसलिए उसने अपने एक परिचित को कमरे पर जाने को कहा। जब वह दोस्त कमरे तक पहुंचा तो पाया कि दरवाजा अंदर से बंद है और बार-बार खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार दरवाजे की कुंडी तोड़ी गई और कृष्णकांत कमरे के अंदर फंदे से लटका हुआ मिला।
पुलिस ने कहा कि मौत का कारण स्पष्ट रूप से तभी बताया जा सकेगा जब पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होगी।

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प्रदूषण फैलाने वालों पर नोएडा अथॉरिटी ने शुरू की कार्रवाई, 15 लाख का लगाया जुर्माना

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नोएडा। करंट क्राइम। नोएडा ऑथोरिटी ने प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदूषण को रोकने के लिए अथॉरिटी ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अथॉरिटी ने हवा के प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए 14 स्पेशल टीमें बनाई हैं, जो पूरे नोएडा इलाके में ग्रैप स्टैंडर्ड को सख्ती से लागू कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स और यूनिट्स पर कार्रवाई करते हुए, अथॉरिटी ने अब तक कुल 14,95,000 रुपए का भारी जुर्माना लगाया है। अथॉरिटी ने अलग-अलग जगहों से 12,199 टन से ज़्यादा मलबा इकट्ठा किया और उसे सुरक्षित रूप से डिस्पोज़ किया। अथॉरिटी की टीमें यह भी पक्का कर रही हैं कि कंटैमिनेशन को रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन मटीरियल को ग्रीन नेट, मेट्रो शीट और ग्रीन कार्पेट से ढका जाए। ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि अथॉरिटी कंस्ट्रक्शन साइट्स से होने वाले धूल के प्रदूषण को रोकने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। नोएडा में, अलग-अलग कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 88 स्टैटिक एंटी-स्मॉग गन और 10 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट के साइंटिफिक डिस्पोज़ल के लिए सेक्टर 80 में 400 STP प्लांट सफलतापूर्वक चल रहा है।

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