देश
केजरीवाल ने केवल सपना दिखाया और जनता से सफेद झूठ कहा – संदीप दीक्षित
नई दिल्ली। नई दिल्ली विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। शुक्रवार को उन्होंने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, “सपने नहीं, हकीकत चुनो” इस नारे के संदर्भ में कि “10 साल पहले जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली में नए-नए आए थे, तब उन्होंने कुछ ऐसी बातें कही थीं जो मुझे उस समय भी महज एक सपना लगती थीं।”
उन्होंने सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का दावा किया, जो पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के समय से चल रहा था। ऐसे में केजरीवाल को कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी चाहिए थी, लेकिन जो भर्तियाँ हो रही थीं, वे उन्होंने रोक दीं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को आवास देने का झूठा वादा किया, यह कहते हुए कि इस तरह से किसी को सरकारी आवास नहीं मिल सकता। उन्होंने सिर्फ सपने दिखाए और झूठ बोलते रहे।
संदीप दीक्षित ने कहा, “यदि नई दिल्ली की बात करें, तो वहां पर पिछले 10 सालों में विकास पूरी तरह स्थिर रहा है।” यही कारण है कि हमने कहा कि हम केवल सपने नहीं दिखाएंगे, बल्कि वास्तविकता में इसे हकीकत बनाएंगे। शीला दीक्षित के कार्यकाल में हम जो कहते थे, उसे पूरा करने का प्रयास करते थे। हम यह नहीं कह रहे हैं कि हर व्यक्ति जो कहता है, वह कर सकता है, लेकिन प्रयास करने और सही तरीके से काम करने की आवश्यकता होती है, जिससे 70 से 80 प्रतिशत कार्य आसानी से संपन्न हो जाते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “हम ‘आप’ सरकार से भी पूछते हैं कि वे हमेशा केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हैं कि महंगाई बढ़ गई है। मेरा सवाल है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद आपने जनता की सुविधा के लिए क्या किया? हम यह भी कह रहे हैं कि जहाँ मोदी सरकार ने गलतियाँ की हैं, हम वहीं जनता के साथ खड़े हैं।”
देश
बहादुर जवानों की वजह से बच गई थी 200 सांसदों की जान, जानिए 2001 की संसद पर हमले की कहानी
नई दिल्ली। करंट क्राइम। 13 दिसंबर 2001 का दिन था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे उपराष्ट्रपति के सिक्योरिटी गार्ड उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे, तभी एक सफेद एंबेसडर में सवार 5 आतंकी गेट नंबर-12 से संसद के अंदर घुसे। उस समय सिक्योरिटी गार्ड निहत्थे हुआ करते थे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सिक्योरिटी गार्ड उस एंबेसडर के पीछे भागने लगे। उसी समय आतंकियों की कार उपराष्ट्रपति की कार से टकराई और हर तरफ हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मी अलर्ट हो गए।
घबराए आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान पांचों आंतकी एके-47 और हैंडग्रेनेड से लैस थे, उनकी पीठ और कंधे पर बैग थे। पहली बार आतंक लोकतंत्र की दहलीज पार कर चुका था। देखते ही देखते लोकतंत्र का पूरा मंदिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। आतंकियों के पहले हमले का निशाना वो चार सुरक्षाकर्मी बने जो एंबेसडर कार को रोकने का प्रयास कर रहे थे। इसी फायरिंग के बीच धमाके की आवाज आती है।
अब तक तस्वीर साफ हो गई थी कि संसद भवन में आतंकी हमला हो चुका है। इसके तुरंत बाद संसद भवन के सभी दरवाजे बंद कर दिए गए। अंदर मौजूद तमाम सांसद और मंत्रियों को महफूज जगह पर ले जाया गया। वहीं बाहर सुरक्षाकर्मी मोर्चा संभाले हुए थे।
पांचों में से एक आंतकी ने गेट नंबर 1 से सदन के अंदर दाखिल होने की कोशिश की। लेकिन सुरक्षाबलों की गोली से वो ढेर हो गया। फिर बाकी चार आतंकियों ने गेटर नंबर 4 की तरफ बढ़ने की कोशिश की, वो वापस मुड़कर गेट नंबर 9 पर पहुंचे। लेकिन मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और पूरा ऑपरेशन गेट नंबर 9 के पास सिमट गया। यहीं मुठभेड़ में एक-एक कर तीन आतंकी ढेर हो गए। आखिरी बचा आतंकी गेट नंबर एक की ओर भागा, लेकिन गोली लगने से उसका खेल भी वहीं खत्म हो गया। संसद परिसर में ये खूनी खेल सुबह लगभग 11.30 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चला।
इस हमले में आतंकियों से लोहा लेते हुए संसद भवन के गार्ड, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग शहीद हुए थे। फिर संसद पर आतंकी हमले की जांच दिल्ली पुलिस ने की और इस साजिश का पर्दफाश करने में कामयाब रही। जांच में पता चला कि आतंकियों को पाकिस्तान से गाइडेंस मिली थी। हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु, एसएआर गिलानी, अफशान गुरु और शौकत हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसएआर गिलानी और अफशान गुरु को बरी कर दिया। शौकत हुसैन की सजा कम कर दी गई। वहीं अफजल गुरु को फांसी की सजा हुई।
देश
संसद हमले की आज बरसीं, प्रधानमंत्री मोदी, नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत सांसदों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि
नई दिल्ली। करंट क्राइम। संसद पर आतंकी हमले की आज बरसी है। संसद परिसर में आज आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी समेत सभी वरिष्ठ सांसदों ने शहीद जवानों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
आज ही के दिन, 13 दिसंबर 2001 को संसद पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें कुल 9 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। पांच आतंकियों ने 45 मिनट के अंदर लोकतंत्र के मंदिर को गोलियों से छलनी कर देश को दहला दिया था।
आज से ठीक 24 साल पहले लगभग अभी की तरह ही संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था। महिला आरक्षण बिल पर हंगामे के बाद सुबह 11 बजकर 2 मिनट पर सदन को स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी संसद से जा चुके थे। लेकिन हमले के वक्त 200 से ज्यादा सांसद और मंत्री संसद के भीतर ही मौजूद थे।
इसी दौरान पाकिस्तान समर्थित पांच आतंकियों ने 45 मिनट में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को गोलियों से छलनी करके पूरे देश को दहला दिया था।
देश
LIVE: HM Amit Shah at the ‘Sagara Pran Talamalala’ cultural program in Sri Vijayapuram
-
उत्तर प्रदेश15 hours agoदरोगा की गर्दन काटने की धमकी देने वाला मुअज्जिन को पुलिस ने भेजा जेल
-
Sports16 hours agoगंभीर के फैसलों पर उठ रहे सवाल, द्रविड के बनाए टीम को कर दिया बर्बाद
-
उत्तर प्रदेश14 hours agoमोदी के खास कुर्मी नेता पंकज चौधरी ही बनेंगे उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष
-
Uncategorized8 hours agoतिरूअनंतपुरम नगर निकाय चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, पार्टी ने 100 में से 50 सीटें जीती
-
Sports16 hours agoभारत पहुंचे मेसी, एक झलक पाने को 3 बजे एयरपोर्ट पहुंचे फैंस, आज होगा फ्रेंडली मैच
-
उत्तर प्रदेश9 hours agoसिर्फ पंकज चौधरी ने बीजेपी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष के लिए किया नामांकन, कल होगी औपचारिक घोषणा
-
World15 hours agoपुतिन और एर्दोगन की मीटिंग में शाहबाज शरीफ की जबर्दस्ती एंट्री, गजब की बेइज्जती
-
Sports9 hours agoअव्यवस्थाओं की भेंट चढ गया मेसी का कोलकाता दौरा, बोतलें फेंकी, पोस्टर फाड़े… कोलकाता में बेकाबू फैंस
