नोएडा
नोएडा में महिला ने डॉक्टर बनकर एक व्यक्ति को फोन कर 1.80 लाख का ठगी की
नोएडा: अगर कोई आपको फोन करके कहता है कि वह डॉक्टर है और आपकी समस्या तुरंत हल कर सकता है, तो सावधान हो जाएं। फोन करने वाला व्यक्ति साइबर अपराधी हो सकता है। नोएडा के एक निवासी को साइबर अपराधियों ने इसी तरह फंसाया और उससे एक लाख 80 हजार रुपये अपने बैंक खाते में जमा करवा लिए। अपराधी अब उससे और पैसे की मांग कर रहे हैं और पैसे ना देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यशपाल सिंह, जो सेक्टर-135 में रहते हैं, ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। 19 दिसंबर को उन्हें एक फोन आया, जिसमें फोन करने वाली महिला ने कहा कि वह डॉक्टर है। उसने कहा कि यदि आपको कोई कठिनाई है, तो बताएं। पीड़ित ने बताया कि उसे यूरिन में ब्लड आ रहा है। महिला ने कहा कि वह इसे दिखाए। पीड़ित ने वीडियो कॉल पर अपने शरीर का प्राइवेट पार्ट उसे दिखा दिया।
उसने पीड़ित की वीडियो और फोटो सुरक्षित कर ली। पीड़ित के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 को साइबर अपराधियों ने फिर फोन किया और कहा कि उनकी वीडियो और फोटो उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि अगर उसे पैसे नहीं दिए गए, तो वे उसकी फोटो वायरल कर देंगे। डर की वजह से पीड़ित ने सात बार में उन्हें कुल 1 लाख 80 हजार रुपये भेज दिए। अब अपराधी उससे और पैसे मांग रहे हैं, और जब उसने देने से इनकार किया, तो वे विभिन्न नंबरों से उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
नोएडा
इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में लटकते मिली छात्र की लाश, पुलिस जुटी जांच में
नोएडा। करंट क्राइम। नोएडा के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के तृतीय वर्ष के एक छात्र ने सुसाइड कर लिया है। छात्र की लाश उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटकी मिली। छात्र की पहचान कृष्णकांत (25) के रूप में हुई है, जो झारखंड का निवासी है।
पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा हैः “मैं हार मानता हूं”। अपना शरीर और अपना सारा सामान मेरे परिवार को सौंपता हूँ।
कृष्ण कांत के रूम मेट ऋतिक ने कहा कि कृष्णकांत ने दिन में पहले अपने पिता से बात की थी और कुछ ऐसा कहा था जिससे उन्हें चिंता हुई। घबराए पिता ने ऋतिक को फोन किया और उसे तुरंत अपने बेटे का हालचाल जानने के लिए कहा।
हृतिक उस समय हॉस्टल में मौजूद नहीं था, इसलिए उसने अपने एक परिचित को कमरे पर जाने को कहा। जब वह दोस्त कमरे तक पहुंचा तो पाया कि दरवाजा अंदर से बंद है और बार-बार खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार दरवाजे की कुंडी तोड़ी गई और कृष्णकांत कमरे के अंदर फंदे से लटका हुआ मिला।
पुलिस ने कहा कि मौत का कारण स्पष्ट रूप से तभी बताया जा सकेगा जब पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होगी।
नोएडा
प्रदूषण फैलाने वालों पर नोएडा अथॉरिटी ने शुरू की कार्रवाई, 15 लाख का लगाया जुर्माना
नोएडा। करंट क्राइम। नोएडा ऑथोरिटी ने प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदूषण को रोकने के लिए अथॉरिटी ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अथॉरिटी ने हवा के प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए 14 स्पेशल टीमें बनाई हैं, जो पूरे नोएडा इलाके में ग्रैप स्टैंडर्ड को सख्ती से लागू कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स और यूनिट्स पर कार्रवाई करते हुए, अथॉरिटी ने अब तक कुल 14,95,000 रुपए का भारी जुर्माना लगाया है। अथॉरिटी ने अलग-अलग जगहों से 12,199 टन से ज़्यादा मलबा इकट्ठा किया और उसे सुरक्षित रूप से डिस्पोज़ किया। अथॉरिटी की टीमें यह भी पक्का कर रही हैं कि कंटैमिनेशन को रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन मटीरियल को ग्रीन नेट, मेट्रो शीट और ग्रीन कार्पेट से ढका जाए। ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि अथॉरिटी कंस्ट्रक्शन साइट्स से होने वाले धूल के प्रदूषण को रोकने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। नोएडा में, अलग-अलग कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 88 स्टैटिक एंटी-स्मॉग गन और 10 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट के साइंटिफिक डिस्पोज़ल के लिए सेक्टर 80 में 400 STP प्लांट सफलतापूर्वक चल रहा है।
नोएडा
नोएडा एसीपी ने बिछुडी बच्चियों को परिवार से मिलाया
नोएडा। करंट क्राइम। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर ने दो बिछुडे बच्चियों को परिवार से मिलाकर खुशियां लौटाई है। पांच साल और डेढ़ साल की दो बच्चियां अपने परिजनों से बिछड़ गई थीं। दरअसल, 5 दिसंबर को पीआरवी को सूचना मिली थी कि सेक्टर-126 में दो बच्चियां रोती हुई पाई गई। पूछताछ में पता चला कि दोनों बच्चियां केवल बंगाली भाषा समझती हैं। बातचीत में भाषा एक बड़ी समस्या बनी रही।
इसी दौरान एसीपी नोएडा जोन को जब इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं बच्चियों से बातचीत की। प्रवीण कुमार सिंह बंगाली भाषा जानते हैं। उन्होंने दोनों बच्चियों से पूछताछ की तो बच्चियों ने हाजीपुर अंडरपास के बारे में बताया। फिर उन्होंने बच्चियों को परिजनों से मिलाया।
सीपी-प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बच्चियों से बात की
इसी दौरान असिस्टेंट पुलिस कमिश्ननर-प्रथम ( सहायक पुलिस आयुक्त-प्रथम), नोएडा जोन, प्रवीण कुमार सिंह गश्त के दौरान थाना सेक्टर-126 पहुंचे। उन्हें जब इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं बच्चियों से बातचीत की। चूंकि प्रवीण कुमार सिंह बंगाली भाषा जानते हैं, उन्होंने दोनों बच्चियों से अत्यंत स्नेहपूर्ण एवं संवेदनशील तरीके से बात की। पूछताछ करने पर बड़ी बच्ची ने बताया कि वह हाजीपुर अंडरपास से आगे का रास्ता पहचान सकती है।
एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह, पुलिस फोर्स के साथ बच्ची द्वारा बताए गए रास्ते पर चलते हुए सेक्टर-133 स्थित लेबर कैंप पहुंचे, जो हाजीपुर अंडरपास से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। वहां पहुंचने पर पाया कि बच्चियों के परिजन उन्हें ढूंढते हुए अत्यंत परेशान स्थिति में इधर-उधर भटक रहे थे। सत्यापन के बाद बच्चियों को विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रूप से उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
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