Connect with us

देश

भाजपा नेता प्रवेश वर्मा की मुश्किलें बढ़ीं, चुनाव आयोग ने एफआईआर दर्ज करने का दिया आदेश

Published

on

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले, बीजेपी नेता और नई दिल्ली क्षेत्र के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा विवादों में फंस गए हैं। बुधवार सुबह, नामांकन से पहले उन्हें वाल्मीकि मंदिर परिसर में मतदाताओं को जूते बांटते हुए देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

चुनाव आयोग ने इस घटना को लेकर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन को एक पत्र भेजा है। आयोग ने एसएचओ से अनुरोध किया है कि प्रवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्मा पर मतदाताओं को जूते बांटने का आरोप है। इसलिए, पुलिस स्टेशन के एसएचओ को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने और जांच के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, प्रवेश वर्मा ने बुधवार को नामांकन दाखिल करने से पहले वाल्मीकि मंदिर परिसर में लोगों को जूते बांटे, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला और बढ़ गया और राजनीतिक बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया। अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया और प्रवेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। यह ध्यान देने योग्य है कि प्रवेश वर्मा आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली की एक महत्वपूर्ण सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। नई दिल्ली का यह क्षेत्र प्रतिष्ठित है, क्योंकि यहां पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सामना दो पूर्व मुख्यमंत्री के बेटों से होगा। भाजपा के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के पुत्र हैं, वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे हैं, जिन्होंने पिछले चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाई थी। अरविंद केजरीवाल ने इस सीट पर 2013, 2015 और 2020 में जीत हासिल की थी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

बहादुर जवानों की वजह से बच गई थी 200 सांसदों की जान, जानिए 2001 की संसद पर हमले की कहानी

Published

on

By


नई दिल्ली। करंट क्राइम। 13 दिसंबर 2001 का दिन था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे उपराष्ट्रपति के सिक्योरिटी गार्ड उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे, तभी एक सफेद एंबेसडर में सवार 5 आतंकी गेट नंबर-12 से संसद के अंदर घुसे। उस समय सिक्योरिटी गार्ड निहत्थे हुआ करते थे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सिक्योरिटी गार्ड उस एंबेसडर के पीछे भागने लगे। उसी समय आतंकियों की कार उपराष्ट्रपति की कार से टकराई और हर तरफ हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मी अलर्ट हो गए।
घबराए आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान पांचों आंतकी एके-47 और हैंडग्रेनेड से लैस थे, उनकी पीठ और कंधे पर बैग थे। पहली बार आतंक लोकतंत्र की दहलीज पार कर चुका था। देखते ही देखते लोकतंत्र का पूरा मंदिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। आतंकियों के पहले हमले का निशाना वो चार सुरक्षाकर्मी बने जो एंबेसडर कार को रोकने का प्रयास कर रहे थे। इसी फायरिंग के बीच धमाके की आवाज आती है।
अब तक तस्वीर साफ हो गई थी कि संसद भवन में आतंकी हमला हो चुका है। इसके तुरंत बाद संसद भवन के सभी दरवाजे बंद कर दिए गए। अंदर मौजूद तमाम सांसद और मंत्रियों को महफूज जगह पर ले जाया गया। वहीं बाहर सुरक्षाकर्मी मोर्चा संभाले हुए थे।
पांचों में से एक आंतकी ने गेट नंबर 1 से सदन के अंदर दाखिल होने की कोशिश की। लेकिन सुरक्षाबलों की गोली से वो ढेर हो गया। फिर बाकी चार आतंकियों ने गेटर नंबर 4 की तरफ बढ़ने की कोशिश की, वो वापस मुड़कर गेट नंबर 9 पर पहुंचे। लेकिन मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और पूरा ऑपरेशन गेट नंबर 9 के पास सिमट गया। यहीं मुठभेड़ में एक-एक कर तीन आतंकी ढेर हो गए। आखिरी बचा आतंकी गेट नंबर एक की ओर भागा, लेकिन गोली लगने से उसका खेल भी वहीं खत्म हो गया। संसद परिसर में ये खूनी खेल सुबह लगभग 11.30 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चला।
इस हमले में आतंकियों से लोहा लेते हुए संसद भवन के गार्ड, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग शहीद हुए थे। फिर संसद पर आतंकी हमले की जांच दिल्‍ली पुलिस ने की और इस साजिश का पर्दफाश करने में कामयाब रही। जांच में पता चला कि आतंकियों को पाकिस्तान से गाइडेंस मिली थी। हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु, एसएआर गिलानी, अफशान गुरु और शौकत हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसएआर गिलानी और अफशान गुरु को बरी कर दिया। शौकत हुसैन की सजा कम कर दी गई। वहीं अफजल गुरु को फांसी की सजा हुई।

Continue Reading

देश

संसद हमले की आज बरसीं, प्रधानमंत्री मोदी, नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत सांसदों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

Published

on

By


नई दिल्ली। करंट क्राइम। संसद पर आतंकी हमले की आज बरसी है। संसद परिसर में आज आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी समेत सभी वरिष्ठ सांसदों ने शहीद जवानों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
आज ही के दिन, 13 दिसंबर 2001 को संसद पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें कुल 9 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। पांच आतंकियों ने 45 मिनट के अंदर लोकतंत्र के मंदिर को गोलियों से छलनी कर देश को दहला दिया था।
आज से ठीक 24 साल पहले लगभग अभी की तरह ही संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था। महिला आरक्षण बिल पर हंगामे के बाद सुबह 11 बजकर 2 मिनट पर सदन को स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी संसद से जा चुके थे। लेकिन हमले के वक्त 200 से ज्यादा सांसद और मंत्री संसद के भीतर ही मौजूद थे।
इसी दौरान पाकिस्तान समर्थित पांच आतंकियों ने 45 मिनट में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को गोलियों से छलनी करके पूरे देश को दहला दिया था।

Continue Reading

देश

LIVE: HM Amit Shah at the ‘Sagara Pran Talamalala’ cultural program in Sri Vijayapuram

Published

on

By

Continue Reading
Advertisement

Trending