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माधव टाइगर रिजर्व में होंगे दो नए बाघ – ज्योतिरादित्य सिंधिया

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शिवपुरी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी दी है कि शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में आने वाले समय में दो और बाघ लाए जाएंगे। वर्तमान में सिंधिया ग्वालियर क्षेत्र के दौरे पर हैं और इस दौरान वे क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण उपहार देने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को माधव टाइगर रिजर्व में कई प्रस्तावों की घोषणा की। संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पहले तीन बाघ यहां लाए गए थे, जिनमें शावक भी शामिल हैं, और अब दो और बाघ आने वाले हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पर्यटकों के लिए सफारी वाहनों का उद्घाटन किया और स्वयं भी एक वाहन चलाया।

सिंधिया ने बताया कि माधव नेशनल पार्क को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी द्वारा टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार तक पहुंचाया। उन्होंने आगे बताया कि पिछले वर्ष 10 मार्च को दो मादा और एक नर बाघ को यहाँ लाया गया था, और अब इन मादा बाघों के शावक भी जन्म ले चुके हैं। अप्रैल तक और दो बाघ लाने की योजना है, जिसके लिए एक अलग जोन तैयार किया जाएगा ताकि उनके बीच किसी भी प्रकार का विवाद न हो।

इस अवसर पर उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए एक सोविनियर शॉप और कैफेटेरिया शुरू करने की भी घोषणा की। अब पर्यटक माधव टाइगर रिजर्व में घूमने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जो गुरुवार से उपलब्ध है। बताया गया कि माधव टाइगर रिजर्व के टिकट अब ऑनलाइन खरीदे जा सकेंगे और टाइगर रिजर्व की 13 किलोमीटर लंबी दीवार का निर्माण किया जा रहा है। दीवार निर्माण में जो भी कमियां रहीं हैं, उन्हें ठीक कराई जा रही हैं। चांदपाटा क्षेत्र में हो रहे रिसाव का डीपीआर भी तैयार किया जा रहा है, और वहाँ की जलकुंभी भी हटाई जा रही है।

सिंधिया ने यह भी बताया कि टाइगर रिजर्व को देश के अन्य टाइगर रिजर्वों के स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जब विकास के मुद्दे पर उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि शिवपुरी के विकास के लिए कई कार्य करने की आवश्यकता है। यहाँ एयरपोर्ट का निर्माण होना है और अडाणी का 2500 करोड़ का डिफेंस प्रोजेक्ट भी आ रहा है। मेरी कोशिश है कि शिवपुरी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन और भाजपा के अन्य नेता भी उपस्थित थे।

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बहादुर जवानों की वजह से बच गई थी 200 सांसदों की जान, जानिए 2001 की संसद पर हमले की कहानी

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नई दिल्ली। करंट क्राइम। 13 दिसंबर 2001 का दिन था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे उपराष्ट्रपति के सिक्योरिटी गार्ड उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे, तभी एक सफेद एंबेसडर में सवार 5 आतंकी गेट नंबर-12 से संसद के अंदर घुसे। उस समय सिक्योरिटी गार्ड निहत्थे हुआ करते थे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सिक्योरिटी गार्ड उस एंबेसडर के पीछे भागने लगे। उसी समय आतंकियों की कार उपराष्ट्रपति की कार से टकराई और हर तरफ हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मी अलर्ट हो गए।
घबराए आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान पांचों आंतकी एके-47 और हैंडग्रेनेड से लैस थे, उनकी पीठ और कंधे पर बैग थे। पहली बार आतंक लोकतंत्र की दहलीज पार कर चुका था। देखते ही देखते लोकतंत्र का पूरा मंदिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। आतंकियों के पहले हमले का निशाना वो चार सुरक्षाकर्मी बने जो एंबेसडर कार को रोकने का प्रयास कर रहे थे। इसी फायरिंग के बीच धमाके की आवाज आती है।
अब तक तस्वीर साफ हो गई थी कि संसद भवन में आतंकी हमला हो चुका है। इसके तुरंत बाद संसद भवन के सभी दरवाजे बंद कर दिए गए। अंदर मौजूद तमाम सांसद और मंत्रियों को महफूज जगह पर ले जाया गया। वहीं बाहर सुरक्षाकर्मी मोर्चा संभाले हुए थे।
पांचों में से एक आंतकी ने गेट नंबर 1 से सदन के अंदर दाखिल होने की कोशिश की। लेकिन सुरक्षाबलों की गोली से वो ढेर हो गया। फिर बाकी चार आतंकियों ने गेटर नंबर 4 की तरफ बढ़ने की कोशिश की, वो वापस मुड़कर गेट नंबर 9 पर पहुंचे। लेकिन मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और पूरा ऑपरेशन गेट नंबर 9 के पास सिमट गया। यहीं मुठभेड़ में एक-एक कर तीन आतंकी ढेर हो गए। आखिरी बचा आतंकी गेट नंबर एक की ओर भागा, लेकिन गोली लगने से उसका खेल भी वहीं खत्म हो गया। संसद परिसर में ये खूनी खेल सुबह लगभग 11.30 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चला।
इस हमले में आतंकियों से लोहा लेते हुए संसद भवन के गार्ड, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग शहीद हुए थे। फिर संसद पर आतंकी हमले की जांच दिल्‍ली पुलिस ने की और इस साजिश का पर्दफाश करने में कामयाब रही। जांच में पता चला कि आतंकियों को पाकिस्तान से गाइडेंस मिली थी। हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु, एसएआर गिलानी, अफशान गुरु और शौकत हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसएआर गिलानी और अफशान गुरु को बरी कर दिया। शौकत हुसैन की सजा कम कर दी गई। वहीं अफजल गुरु को फांसी की सजा हुई।

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संसद हमले की आज बरसीं, प्रधानमंत्री मोदी, नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत सांसदों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली। करंट क्राइम। संसद पर आतंकी हमले की आज बरसी है। संसद परिसर में आज आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी समेत सभी वरिष्ठ सांसदों ने शहीद जवानों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
आज ही के दिन, 13 दिसंबर 2001 को संसद पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें कुल 9 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। पांच आतंकियों ने 45 मिनट के अंदर लोकतंत्र के मंदिर को गोलियों से छलनी कर देश को दहला दिया था।
आज से ठीक 24 साल पहले लगभग अभी की तरह ही संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था। महिला आरक्षण बिल पर हंगामे के बाद सुबह 11 बजकर 2 मिनट पर सदन को स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी संसद से जा चुके थे। लेकिन हमले के वक्त 200 से ज्यादा सांसद और मंत्री संसद के भीतर ही मौजूद थे।
इसी दौरान पाकिस्तान समर्थित पांच आतंकियों ने 45 मिनट में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को गोलियों से छलनी करके पूरे देश को दहला दिया था।

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LIVE: HM Amit Shah at the ‘Sagara Pran Talamalala’ cultural program in Sri Vijayapuram

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