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केजरीवाल ने 50 हजार गज में 45 करोड़ रुपये की शीश महल बनाया – अमित शाह

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास ‘सुषमा भवन’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, उन्होंने दिल्ली सरकार पर तीखे आरोप लगाए। शाह ने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार का मौका मिला, तो उन्होंने अपना भवन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया, “जब मैंने कुछ बच्चों से पूछा कि केजरीवाल जी ने क्या किया, तो एक बच्चे ने कहा कि उन्होंने 45 करोड़ रुपये का शीशमहल अपने लिए बनवाया।”

राजनीति में कदम रखने से पहले केजरीवाल ने कहा था कि वे सरकारी गाड़ी और बंगला नहीं लेंगे। लेकिन आज उन्होंने दिल्लीवासियों के 45 करोड़ रुपये से 50 हजार गज में अपने लिए एक शीशमहल बना लिया है। केजरीवाल को दिल्ली की जनता को जवाब देना होगा। शाह ने आगे कहा, “केजरीवाल ने जब इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब वे अपने भवन बनाने में व्यस्त रहे और दिल्ली के इन्फ्रास्ट्रक्चर की चिंता नहीं की। उन्होंने शराब घोटाला किया, मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर भ्रष्टाचार किया और दवाओं के नाम पर भी घोटाला किया।

इसके अलावा, उन्होंने सीसीटीवी और बस खरीद में भी घोटाले किए। सबसे बड़ा घोटाला निजी सुविधाओं के लिए और अपने शीशमहल के निर्माण में किया गया। दिल्ली की जनता को केजरीवाल को जवाब देना होगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने सुषमा स्वराज को भी याद किया। उन्होंने बताया, “जब सुषमा स्वराज मुझसे मिली थीं, तो उन्होंने कहा था कि एक कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है, जिसका नाम ‘सुषमा भवन’ रखा जाएगा। मैं उस वक्त ही बोला था कि मुझे हॉस्टल का आकार नहीं पूछना है, लेकिन सुषमा जी के नाम से यदि हॉस्टल बना है, तो मैं यहां जरूर आऊंगा।”

उन्होंने कहा कि इस हॉस्टल का उद्घाटन उनके लिए एक विशेष अवसर है। इस भवन में लगभग 80 महिलाएं काम करेंगी, और यह सुरक्षित रहने की सुविधा एक ऐसी नेता के नाम से जुड़ती है, जो भारत की महिलाओं को जागरूक और संगठित करने की प्रेरणा स्रोत रही हैं। सुषमा स्वराज हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी की महान नेता के रूप में हमेशा स्मरणीय रहेंगी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “सुषमा स्वराज ने भारत की संसदीय राजनीति के इतिहास में एनडीए-1 और एनडीए-2 दोनों सरकारों में महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। इस देश का लोकतांत्रिक इतिहास उन्हें सिर्फ विदेश मंत्री या स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक संघर्षशील विपक्षी नेता के रूप में याद रखेगा। सुषमा ही थीं जिन्होंने यूपीए-2 सरकार के 12 लाख करोड़ के घोटाले को संसद में उजागर किया। विपक्ष के नेता का पद लोकतंत्र में कितना महत्वपूर्ण होता है, इसका उदाहरण जब दिया जाएगा, तब सुषमा जी को जरूर याद किया जाएगा।

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