नोएडा

ग्रेटर नोएडा में falsified documents के जरिए सोसायटी के फ्लैट का ट्रांसफर, मामला दर्ज

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नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के समूह आवास विभाग के प्रभारी ने एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी संबंधी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक सोसायटी में स्थित फ्लैट को झूठे दस्तावेजों के आधार पर अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लिया। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

थाना सूरजपुर के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के समूह आवास प्रभारी केएम चौधरी ने यशपाल पुत्र जयवीर के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत इंजीनियर पार्क सहकारी आवास समिति ने भूखंड संख्या सेक्टर ओमेगा-वन में एक इकाई का आवंटन अपने सदस्य उमा प्रसाद के पक्ष में किया था, जिसका त्रिपक्षीय लीज 28 फरवरी 2011 को उमा प्रसाद के नाम पर हुआ था।

उन्होंने बताया कि उमा प्रसाद से यशपाल पुत्र जयवीर, निवासी ग्राम पाली ग्रेटर नोएडा के पक्ष में इकाई के हस्तांतरण के लिए प्राधिकरण को 21 मार्च 2023 को ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुआ। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और इंजीनियर पार्क सहकारी आवास समिति लिमिटेड की नो ओब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) प्राधिकरण को प्रस्तुत की गई। इन दस्तावेजों के आधार पर प्राधिकरण ने भवन संख्या डी-1 का हस्तांतरण उमा प्रसाद से यशपाल के लिए किया और अंतरण ज्ञापन पत्र भी जारी किया।

उन्होंने बताया कि इस मामले में इंजीनियर पार्क सहकारी आवास समिति ने 28 जून 2024 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सूचित किया कि जो अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राधिकरण में प्रस्तुत किया गया है, वह इंजीनियर पार्क सहकारी आवास समिति द्वारा जारी नहीं किया गया है और यह एक कूट रचित दस्तावेज है। समिति के अनुरोध पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 16 जुलाई 2024 को इस मामले की सुनवाई की, और दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर भवन के हस्तांतरण को निरस्त कर दिया गया। साथ ही, यशपाल द्वारा जमा की गई धनराशि भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पक्ष में जब्त कर ली गई। ग्रुप हाउसिंग अधिकारी की शिकायत पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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