नोएडा
नोएडा में युवक और एक अन्य व्यक्ति की आत्महत्या, दो की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में
नोएडा। नोएडा में विभिन्न स्थानों पर रहने वाले एक युवक सहित दो व्यक्तियों ने मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। यह घटनाएँ थाना सेक्टर-39 और थाना फेस-वन क्षेत्र में हुई हैं। इसके अतिरिक्त, दो अन्य लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। थाना पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, थाना सेक्टर-39 क्षेत्र के सलारपुर कॉलोनी में रहने वाले 19 वर्षीय संदीप कुमार, पुत्र राम बहोरन, जो मूलतः जनपद मैनपुरी के निवासी हैं, ने मानसिक तनाव के चलते अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। चर्चा है कि युवक ने प्रेम संबंधों में असफलता के कारण आत्महत्या की है।
दूसरी घटना में, थाना फेस-वन के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हरौला गांव के निवासी 40 वर्षीय रवि कुमार, पुत्र सूरजपाल, ने भी अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर पहुंचकर शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी है और मामले की जांच जारी है।
थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र के उद्योग विहार-2 में 1 जनवरी को एक व्यक्ति की संदिग्ध हालत में मौत का मामला सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि शराब के अत्यधिक सेवन के कारण उनकी मृत्यु हुई है।
थाना ईकोटेक-3 के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि उद्योग केंद्र दो में एक 40 वर्षीय व्यक्ति का शव पड़ा है। जांच करने पर पता चला कि उसका नाम विनोद है। वह शराब के सेवन के प्रति आदी था और लोग उसे शराब के लिए पैसे देने के लिए कहते रहते थे। पुलिस को संदेह है कि उनकी मृत्यु अधिक शराब पीने के कारण हुई है। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके अलावा, थाना फेस-3 क्षेत्र में रहने वाले 40 वर्षीय हरीफल उर्फ पाल की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है, और वह गढ़ी चौखंडी गांव में रहते थे। थाना प्रभारी ने बताया कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
नोएडा
प्रदूषण फैलाने वालों पर नोएडा अथॉरिटी ने शुरू की कार्रवाई, 15 लाख का लगाया जुर्माना
नोएडा। करंट क्राइम। नोएडा ऑथोरिटी ने प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदूषण को रोकने के लिए अथॉरिटी ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अथॉरिटी ने हवा के प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए 14 स्पेशल टीमें बनाई हैं, जो पूरे नोएडा इलाके में ग्रैप स्टैंडर्ड को सख्ती से लागू कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स और यूनिट्स पर कार्रवाई करते हुए, अथॉरिटी ने अब तक कुल 14,95,000 रुपए का भारी जुर्माना लगाया है। अथॉरिटी ने अलग-अलग जगहों से 12,199 टन से ज़्यादा मलबा इकट्ठा किया और उसे सुरक्षित रूप से डिस्पोज़ किया। अथॉरिटी की टीमें यह भी पक्का कर रही हैं कि कंटैमिनेशन को रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन मटीरियल को ग्रीन नेट, मेट्रो शीट और ग्रीन कार्पेट से ढका जाए। ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि अथॉरिटी कंस्ट्रक्शन साइट्स से होने वाले धूल के प्रदूषण को रोकने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। नोएडा में, अलग-अलग कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 88 स्टैटिक एंटी-स्मॉग गन और 10 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट के साइंटिफिक डिस्पोज़ल के लिए सेक्टर 80 में 400 STP प्लांट सफलतापूर्वक चल रहा है।
नोएडा
नोएडा एसीपी ने बिछुडी बच्चियों को परिवार से मिलाया
नोएडा। करंट क्राइम। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर ने दो बिछुडे बच्चियों को परिवार से मिलाकर खुशियां लौटाई है। पांच साल और डेढ़ साल की दो बच्चियां अपने परिजनों से बिछड़ गई थीं। दरअसल, 5 दिसंबर को पीआरवी को सूचना मिली थी कि सेक्टर-126 में दो बच्चियां रोती हुई पाई गई। पूछताछ में पता चला कि दोनों बच्चियां केवल बंगाली भाषा समझती हैं। बातचीत में भाषा एक बड़ी समस्या बनी रही।
इसी दौरान एसीपी नोएडा जोन को जब इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं बच्चियों से बातचीत की। प्रवीण कुमार सिंह बंगाली भाषा जानते हैं। उन्होंने दोनों बच्चियों से पूछताछ की तो बच्चियों ने हाजीपुर अंडरपास के बारे में बताया। फिर उन्होंने बच्चियों को परिजनों से मिलाया।
सीपी-प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बच्चियों से बात की
इसी दौरान असिस्टेंट पुलिस कमिश्ननर-प्रथम ( सहायक पुलिस आयुक्त-प्रथम), नोएडा जोन, प्रवीण कुमार सिंह गश्त के दौरान थाना सेक्टर-126 पहुंचे। उन्हें जब इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं बच्चियों से बातचीत की। चूंकि प्रवीण कुमार सिंह बंगाली भाषा जानते हैं, उन्होंने दोनों बच्चियों से अत्यंत स्नेहपूर्ण एवं संवेदनशील तरीके से बात की। पूछताछ करने पर बड़ी बच्ची ने बताया कि वह हाजीपुर अंडरपास से आगे का रास्ता पहचान सकती है।
एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह, पुलिस फोर्स के साथ बच्ची द्वारा बताए गए रास्ते पर चलते हुए सेक्टर-133 स्थित लेबर कैंप पहुंचे, जो हाजीपुर अंडरपास से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। वहां पहुंचने पर पाया कि बच्चियों के परिजन उन्हें ढूंढते हुए अत्यंत परेशान स्थिति में इधर-उधर भटक रहे थे। सत्यापन के बाद बच्चियों को विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रूप से उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
ग्रेटर नोएडा
नोएडा की पुलिस कमिश्नर ने किया रात को औचक निरीक्षण, पीआरवी टीम नदारद रही, 10 पुलिसकर्मी सस्पेंड
नोएडा। करंट क्राइम। गौतमबुद्धनगर की कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने देररात शहर के कई इलाकों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें कई पुलिसकर्मी ड्यूटी से नदारद पाए गए।
सर्दियों में अपराध बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी को जांचने के लिए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कई इलाकों का दौरा किया। उन्होंने ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे और आसपास के इलाकों में देर रात रैंडल चेकिंग की। इस दौरान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को बड़ी लापरवाही मिली। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकली कमिश्नर ने पाया कि कई पीआरवी के जवान अपनी निर्धारित लोकेशन पर मौजूद ही नहीं थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तुरंत 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया।
इसके साथ ही डायल-112 के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडे को कमजोर पर्यवेक्षण और लापरवाही के आधार पर लाइन हाजिर कर दिया। पीआरवी पर तैनात एक होमगार्ड पर भी गाज गिरी है।
कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने रात 8 बजे 4 पीआरवी की जांच की। इनमें से 3 पीआरवी के पुलिसकर्मी लोकेशन पर मौजूद नहीं मिले। सिर्फ एक टीम अपनी ड्यूटी पर तैनात पाई गई। दो घंटे बाद दोबारा की गई चेकिंग में भी स्थिति सुधरी हुई नहीं दिखी। इस बार भी 4 में से 2 पीआरवी दल ड्यूटी से गायब मिले। लगातार दो निरीक्षणों में मिली इस लापरवाही ने अधिकारियों को चौंका दिया। दोनों चेकिंग में गायब पाए गए कुल 10 पुलिसकर्मियों को कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उन पर विभागीय जांच भी जांच कराई जाएगी।
