नोएडा
ग्रेटर नोएडा में प्रतिष्ठित अस्पताल और दो वित्तीय कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-टू में एक व्यक्ति ने फोर्टिस अस्पताल और दो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना बीटा-टू के प्रभारी निरीक्षक विद्युत गोयल ने बताया कि राहुल कुमार भाटी ने कोर्ट के आदेश पर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।
राहुल ने फोर्टिस अस्पताल, राम तीरथ लीजिंग एंड फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, और मोनेडो फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित के अनुसार उसकी पत्नी अंजू बंसल को कई महीनों से छाती में दर्द हो रहा था। उन्होंने उसे गाजियाबाद के अस्पताल में दिखाया, जहां से एम्स रेफर किया गया। वहां पता चला कि उसके गर्भावस्था के कारण आरएचडी नामक बीमारी हो गई है, जिसका इलाज केवल ऑपरेशन से संभव है।
पीड़ित ने बताया कि ऑपरेशन के लिए एम्स में जल्द कोई अपॉइंटमेंट ना मिलने पर उन्होंने अपनी पत्नी को ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर डॉक्टर विवेक टंडन ने उनका ऑपरेशन 2 अप्रैल 2023 को किया। पीड़ित के अनुसार, अस्पताल के स्टाफ ने उनकी मेडिकल पॉलिसी के बारे में पूछा, जिसके जवाब में उन्होंने बताया कि उनके पास स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी की हेल्थ पॉलिसी है। अस्पताल कर्मचारियों ने इससे संबंधित सभी दस्तावेज – आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक कैंसिल चेक – पीड़ित से लिए। महिला को भर्ती करते समय 9,292 रुपये ऑनलाइन जमा करने के लिए कहा गया और कहा गया कि यह राशि डिस्चार्ज के समय वापस कर दी जाएगी।
पीड़ित के अनुसार, जब उसने कैंसिल चेक और अन्य दस्तावेजों के बारे में और जानकारी मांगी, तो अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि यह उनकी पॉलिसी है और सभी भर्ती होने वाले मरीजों से ये दस्तावेज लिये जाते हैं। ऑपरेशन के बाद, पीड़ित ने 4 अप्रैल 2023 को अपनी पत्नी को डिस्चार्ज कराया। जब उसने जमा की गई राशि वापस मांगी, तो कहा गया कि आपके खाते में रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी जाएगी। फिर भी, 6 महीने तक उसका पैसा नहीं लौटा।
इस बीच, राम तीरथ लीजिंग एंड फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और मोनेडो फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड से फोन आने लगे। लोगों ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के इलाज के लिए लोन लिया है और इसे लौटाने की चेतावनी दी। जब पीड़ित ने कहा कि उसने कोई लोन नहीं लिया है, तो आरोपियों ने उसे धमकी दी। जब वह इस संदर्भ में फोर्टिस अस्पताल गए, तो पता चला कि उनकी मेडिक्लेम पॉलिसी का क्लेम वापस कर दिया गया था।
इस कारण अस्पताल ने तृतीय पक्ष राम तीरथ एंड लीजिंग फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और मोनेडो फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड से लोन लेकर उनके बिल का भुगतान किया। पीड़ित के अनुसार अस्पताल के कर्मचारियों की बातें सुनकर वह हैरान रह गए और उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। इस मामले में फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी से बात नहीं हो पाई।
Deepak Mavi
December 24, 2024 at 6:29 pm
Mere sath bhi yhi fraud kiya hai fortis hospital me Vishal Chauhan nam ke ladke ne fraud kiya hai wo yhi kam krta hai.