नोएडा
30 दिसंबर को जीरो पॉइंट पर और 7 जनवरी को पूरे देश में किसान संगठनों की पंचायत आयोजित होगी।
नोएडा। भारतीय किसान यूनियन और अन्य संगठनों ने निर्णय लिया है कि 30 दिसंबर को ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर एक पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद, 7 जनवरी को देश के विभिन्न हिस्सों में पंचायतें होंगी, जिनमें सरकार की नीतियों और गौतम बुद्ध नगर में किसानों के आंदोलन पर चर्चा की जाएगी। 7 जनवरी को आयोजित होने वाली महापंचायत सभी जिले के मुख्यालयों पर होगी, जिसके बाद राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह निर्णय किसान दिवस और मासिक पंचायत में लिया गया है।
किसान दिवस और मासिक पंचायत में क्षेत्र के किसानों के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और राजस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी हुई, जिसमें मंडल जनपदों एवं प्रदेश से आए पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि वर्तमान में देश के किसान संकट के दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने जैसे कुछ सकारात्मक कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना का लाभ प्रदेश के किसानों को मिलना तय है। हम प्रदेश के मुखिया से आग्रह करते हैं कि गन्ने का आधा सीजन बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसकी कीमत का घोषणा नहीं हुआ। सरकार को महंगाई को ध्यान में रखते हुए गन्ने की कीमत 500 रुपये प्रति क्विंटल तय करनी चाहिए। वहीं, चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि हम सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ डटकर खड़े रहेंगे। सरकार नए कानूनों के माध्यम से किसानों के अधिकारों पर हमला कर रही है। गौतम बुद्ध नगर के किसान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ धरना दे रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें उठाकर जेल में डाल दिया गया। हम 30 दिसंबर को गौतम बुद्ध नगर के जीरो पॉइंट पर पंचायत आयोजित करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि देश का किसान एमएसपी गारंटी कानून सहित अन्य मांगों के लिए 10 महीने से अधिक समय से खनोरी और शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहा है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल पिछले 28 दिनों से आमरण अनशन पर हैं, लेकिन सरकार उनके मुद्दों को सुनने को तैयार नहीं है। इन सभी मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन 7 जनवरी 2025 को देशभर में जिला मुख्यालयों पर पंचायत कर राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगी और साथ ही देशभर में पंचायतें भी आयोजित करेंगी।