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अहमदाबाद में 20 दिसंबर से शुरू हो रहे ‘टेक एक्सपो’ में शामिल होंगे तीन हजार से अधिक उद्यमी

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अहमदाबाद, 12 दिसंबर (आईएएनएस)। “टेक एक्सपो गुजरात 2024” राज्य के प्रौद्योगिकी परिदृश्य को बदलने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के उद्घाटन के साथ यह प्रमुख इवेंट उद्योगों में सहयोग, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा और गुजरात के आईटी क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा।

यह प्रदर्शनी कार्यक्रम अहमदाबाद आईटी मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स (एआईएमईडी) के सहयोग से 20 और 21 दिसंबर को साइंस सिटी के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में तीन हजार से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। इसमें उद्यमी, विचारक, स्टार्टअप, निवेशक और नीति निर्माता शामिल होंगे। साथ ही प्रमुख टेक कंपनियों के अधिकारी और तकनीकी प्रमुख भी हिस्सा लेंगे।

एब्स्रो सॉल्यूशन कंपनी के फाउंडर संदीप सिंह सिसोदिया ने आईएएनएस से कहा, “अभी गुजरात कई सेक्टर्स में लीड कर रहा है। यहां बहुत सारे स्थापित सेक्टर्स हैं। उनमें लाखों कंपनियां काम कर रही हैं। जब उन लोगों को तकनीकी सहायता चाहिए तो उनके मन में सबसे पहला ख्याल यही आता है कि उन्हें बेंगलुरु, मुंबई, पुणे जैसे बड़े शहर में ही यह सुविधाएं मिलेंगी। अब ऐसा नहीं है। अब गुजरात में काफी अच्छे से कंपनियां स्थापित हो चुकी हैं। अब इन लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”

“टेक एक्सपो गुजरात 2024” की लीडरशिप टीम के तरल शाह ने आईएएनएस से कहा, “यह एक्सपो गुजरात में अपनी तरह का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी इवेंट होगा, जो राज्य में डिजिटल परिदृश्य के विकास में अभूतपूर्व सहयोग की भूमिका निभाएगा। यह उद्योग के नेतृत्वकर्ताओं से जुड़ने और उनसे सीखने का एक शानदार अवसर होगा। साथ ही नवीनतम तकनीकी नवाचारों को बड़े दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगा। प्रतिभागियों और भागीदारों से हमें जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।”

इस एक्सपो में 100 से अधिक बूथ, 20 से ज्यादा वक्ता और 50 से अधिक भागीदार होंगे। इसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञ और नेता डिजिटल परिवर्तन पर चर्चा करेंगे और सफलता की कहानियों को साझा करेंगे। इसका उद्देश्य गुजरात के तकनीकी भविष्य को आकार देने के लिए नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देते हुए व्यवसायों और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना है।

“टेक एक्सपो गुजरात 2024” की लीडरशिप टीम के हर्षल शाह ने कहा, “इस एक्सपो का दोहरा उद्देश्य है। पहला, गुजरात में आईटी उद्योग के विकास को बढ़ावा देना, ताकि अगले तीन वर्षों में राज्य का आईटी क्षेत्र अपनी हिस्सेदारी दोगुना कर सके। दूसरा उद्देश्य, गुजरात में उद्योगों के सामने नवाचारों को प्रदर्शित कर डिजिटल अपनाने की गति को तेज करना है।

–आईएएनएस

पीएसएम/एकेजे

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राहुल गांधी ने की इंदौर में पीडितों के परिजनों से मुलाकात, मदद के चेक सौंपे, कहा-यह कौन सा अर्बन मॉडल है

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इंदौर। करंट क्राइम।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में दूषि पानी पीने से मरने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को राहत राशि प्रदान की और सरकार के अर्बन मॉडल पर सवाल उठाए।
भागीरथपुरा में पीड़ितों से मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अबर्न मॉडल की बात करती है लेकिन पानी पीने से मौतें हो रही है। क्या सरकार का अबर्न मॉडल यही है।
ये हालत सिर्फ इंदौर में ही नहीं देश के कई शहरों में है। लोगों को साफ पानी मिले, कम प्रदूषण रहे, यह सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन उसे नहीं निभाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सबसे पहले गीता बाई के परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वे पैदल ही जीवनलाल के घर पहुंचे। वहां से वे सभी पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए संस्कार उद्यान में पहुंचे। रहवासियों ने राहुल गांधी को बताया कि अभी भी क्षेत्र में कई जगहों पर गंदा पानी आ रहा है। वे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। जगह-जगह लोग राहुल गांधी को आवाज लगाकर उन्हें क्षेत्र की परेशानियां बताने की कोशिश करते रहे थे। संस्कार उद्यान में पीड़ित परिवारों ने बताया कि यहां पर लंबे समय से पीने का गंदा पानी आ रहा था। वे कई बार शिकायतें कर चुके थे लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने यह भी बताया कि अभी भी लगातार डायरिया के केस आ रहे हैं। एक दिन पहले ही साफ पानी घरों में आया है लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि अभी भी उन्हें पानी उबालकर ही पीना पड़ेगा। परिजन ने बताया कि इस मामले के असली दोषियों को बचाया जा रहा है। जो देह त्याग गए, उन्हें तभी शांति मिलेगी, जब मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

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आदिवासी नेता की हत्या के विरोध में झारखंड के कई इलाके बंद, यातायात व्यवस्था प्रभावित

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रांची। करंट क्राइम। आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों के आज झारखंड बंद का मिला जुला असर दिख रहा है। खूंटी में इसका असर ज्यादा दिख रहा है। सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतरे हुए हैं। कई जगह सड़कों पर टायर जलाकर बंद की नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सोमा मुंडा के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। रांची-जमशेदपुर एनएच 33 पर बुंडू में भी बंद का असर दिख रहा है। शहरों को जाने वाले रास्तों पर परिचालन प्रभावित हुआ है। रांची के ग्रामीण इलाके में बंद को लेकर सुबह से ही संगठन के लोग सड़कों पर उतर आए।
खूंटी जिला से गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर आवागन प्रभावित हुआ है। कई जगह लंबी दूरी की गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है। खूंटी शहर में बंद का असर दिख रहा है। शहर के सभी प्रतिष्ठान और दुकानें बंद हैं।
रांची के चिरौंदी, चान्हो, रातू, खलारी, तुपुदाना, कांके और पिठोरिया में सड़क जाम और आगजनी कर कई जगह बंद को सफल बनाने की कोशिश की गई। कई जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया।
रांची के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर सड़क से हटाने का प्रयास जारी है।

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देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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मालदा। करंट क्राइम। देश को आज यानि शनिवार को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा स्टेशन पर इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। इससे पहले जो भी वंदे भारत ट्रेन चल रहीं थी वह केवल सिटिंग वाली थीं।
वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत से लोगों को काफी फायदा होगा। इसके साथ ही समय की भी बचत होने वाली है। इस ट्रेन से हावड़ा-गुवाहाटी रूट पर यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे कम हो जाएगा। अभी हावड़ा से गुवाहाटी ट्रेन से जाने में करीब 18 घंटे लगते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाई।
आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जा रही है। यह लंबी दूरी की यात्राओं को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाएगी।
हावड़ा-गुवाहाटी (कामाख्या) मार्ग पर यात्रा के समय को लगभग 2.5 घंटे तक कम करके यह ट्रेन धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी काफी बढ़ावा देगी। यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।
जानकारी के अनुसार स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का सफर किफायती होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि किराया सोच-समझकर तय किया गया है। हावड़ा से कामाख्या तक थर्ड एसी का किराया 2,299 रुपये रखा गया है. सेकंड एसी श्रेणी में हावड़ा से कामाख्या का किराया 2,970 रुपये होगा। फर्स्ट एसी श्रेणी में यात्रियों को हावड़ा से कामाख्या तक के लिए 3,640 रुपये देने होंगे।

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