सम-विषम: निजी सीएनजी वाहन भी दायरे में, महिलाओं को छूट

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नई दिल्ली (ईएमएस)। पिछली बार सम-विषय योजना के दौरान कई डीजल-पेट्रोल कारों पर फर्जी तरीके से सीएनजी वाहन का स्टिकर लगाकर चलाया गया था। इस फर्जीवाड़े से चेती सरकार ने इस बार निजी सीएनजी वाहनों को भी सम-विषम योजना के दायरे में रखा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में इसकी जानकारी देते हुए लोगों से अपील की है कि वे सम-विषम व्यवस्था के दौरान कार पूलिंग का इस्तेमाल करें। उन्होंने ने बताया कि 4-15 नवंबर के बीच सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे के बीच इस योजना के तहत वाहन चलेंगे। केजरीवाल के मुताबिक सुरक्षा के मद्देनजर महिलाओं को इससे छूट दी गई है। महिलाएं सिर्फ 12 साल तक के छोटे बच्चे या महिला दोस्तों के साथ वाहन चलाते हुए जा सकेंगी। उनकी कार में कोई पुरुष सहयात्री नहीं रहेगा।

बाइक सवारों पर अभी फैसला नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाइक सवारों के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि 70 लाख से ज्यादा बाइक सवारों को योजना के दायरे में लाना मुश्किल है। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर जबरदस्त दबाव पड़ेगा। इसे देखते हुए अभी इस बारे में विचार किया जा रहा है। जल्द ही सरकार इसके बारे में फैसला लेगी।

ऑफिस के समय में होगा बदलाव
सीएम ने माना कि सैद्धांतिक तौर पर सरकारी दफ्तर के समय में बदलाव लाने का तैयार है। इस बारे में क्षेत्र विशेष के विशेषज्ञों के साथ चर्चा चल रही है। इसके आधार पर कार्ययोजना तैयार होगी। सरकारी दफ्तरों का समय बदलने के साथ-साथ निजी क्षेत्र के दफ्तरों के लिए भी गाइडलाइन जारी होगी।

दो हजार बसों का सरकार कर रही इंतजाम
दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि सम विषम योजना के लिए परिवहन विभाग दो हजार निजी बसों का इंतजाम कर रहा है। इसके लिए बस संचालकों को विभाग ने 50 रुपए प्रति किमी के हिसाब ऑफर किया है। आने वाले दिनों में इसका फैसला भी कर लिया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एप आधारित टैक्सी संचालकों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए पिछले दिनों उबर प्रबंधन के साथ चर्चा की गई है। आने वाले समय में दूसरी कंपनियों से भी बात होगी। कंपनियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि अतिरिक्त किराया वसूली नहीं होनी चाहिए। किसी भी कीमत पर डेढ़ गुना से ज्यादा कीमत की वसूली नहीं हो सकती है। साथ ही सर्च प्राइसिंग न करने के निर्देश दिए हैं।