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मिल्कीपुर सीट पर बीजेपी की बड़ी जीत, समाजवादी पार्टी को हराया
दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच प्रतिष्ठा का विषय बनी उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव का नतीजा भी काफ़ी चर्चा में है.
भारतीय जनता पार्टी ने यहां चंद्रभानु पासवान को उम्मीदवार बनाया था वहीं समाजवादी पार्टी ने अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को चुनाव में उतारा था.
चुनाव आयोग के मुताबिक़, बीजेपी के चंद्रभानु पासवान ने 61,710 वोट के अंतर से जीत हासिल की. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के अजीत प्रसाद को हराया.
चंद्रभानु को 1 लाख 46 हज़ार 397 वोट मिले, जबकि सपा उम्मीदवार को 84 हज़ार से अधिक वोट हासिल हुए.
पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में मिल्कीपुर से ही विधायक रहे अवधेश प्रसाद फ़ैज़ाबाद से जीत गए थे. इस कारण यह विधानसभा सीट ख़ाली हो गई थी.
अवधेश प्रसाद ने अयोध्या की फ़ैज़ाबाद लोकसभा सीट से भाजपा के लल्लू सिंह को हराया था. लल्लू सिंह लगातार दो बार वहाँ से सांसद रहे थे. उनकी इस जीत की राष्ट्रीय स्तर पर ख़ूब चर्चा हुई थी.
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने इस चुनावी मुक़ाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की थी, लेकिन वह सिर्फ़ 5459 वोट ही हासिल कर सके.
पिछले साल जनवरी में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी. भाजपा ने लोकसभा चुनाव में इसे ख़ूब भुनाया भी था लेकिन अयोध्या की फ़ैज़ाबाद सीट से मिली हार से बीजेपी को बड़ा झटका लगा था.
विपक्षी इंडिया गठबंधन ने इस जीत को संविधान की जीत कहा था. लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने तो सदन में उन्हें अपने साथ बैठाया और अपने संबोधनों में कई बार उनकी जीत का ज़िक्र भी किया.
प्रतिष्ठा का प्रश्न मिल्कीपुर
लोकसभा चुनाव में फ़ैज़ाबाद सीट पर मिली हार के कारण मिल्कीपुर भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई थी. उत्तर प्रदेश के मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री ने इस सीट पर जीत का समीकरण बिठाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी.
लोकसभा चुनाव में इसी सीट से विधायक रहे अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी. भाजपा इसी सीट को उपचुनाव में जीतकर लोकसभा की हार को पीछे छोड़ना चाहती थी.
वहीं समाजवादी पार्टी से ज़्यादा यह अवधेश प्रसाद की आन की बात बन गई थी. अवधेश ने टिकट अपने बेटे को दिलाया था.
आज़ाद समाज पार्टी ने प्रत्याशी उतारकर मुकाबला बनाया था त्रिकोणीय
मिल्कीपुर 2009 से सुरक्षित सीट है. इस बार उपचुनाव में यहां भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी का सीधा मुकाबला था.
बहुजन समाज पार्टी ने यहां अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था और कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी का समर्थन किया था.
हालांकि आज़ाद समाज पार्टी (काशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने यहां अपना प्रत्याशी सूरज चौधरी उर्फ़ संतोष कुमार को उतारकर इस मुक़ाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया था. यहां से 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे.
समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है मिल्कीपुर
मिल्कीपुर की सीट परंपरागत रूप से समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है. मिल्कीपुर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से सांसद और इसके बाद में समाजवादी पार्टी के नेता बने मित्रसेन यादव का यह अभेद्य क़िला माना जाता था.
2012 और 2022 में जब अवधेश प्रसाद यहाँ से विधायक बने, तो उन्हें इस विरासत का फ़ायदा मिला.
अवधेश प्रसाद की इस इलाक़े में गहरी पैठ मानी जाती है. वह छह बार उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. इस बार इस सीट से समाजवादी पार्टी ने उनके बेटे अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाया था.
मिल्कीपुर सीट में 3 लाख 70 हज़ार 829 मतदाता हैं. पुरुष मतदाता 1 लाख 92 हज़ार 984 और महिला मतदाता 1 लाख 77 हज़ार 838 हैं. इन मतदाताओं में पहली बार 4811 नए मतदाता हैं.
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राहुल गांधी ने की इंदौर में पीडितों के परिजनों से मुलाकात, मदद के चेक सौंपे, कहा-यह कौन सा अर्बन मॉडल है
इंदौर। करंट क्राइम।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में दूषि पानी पीने से मरने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को राहत राशि प्रदान की और सरकार के अर्बन मॉडल पर सवाल उठाए।
भागीरथपुरा में पीड़ितों से मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अबर्न मॉडल की बात करती है लेकिन पानी पीने से मौतें हो रही है। क्या सरकार का अबर्न मॉडल यही है।
ये हालत सिर्फ इंदौर में ही नहीं देश के कई शहरों में है। लोगों को साफ पानी मिले, कम प्रदूषण रहे, यह सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन उसे नहीं निभाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सबसे पहले गीता बाई के परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वे पैदल ही जीवनलाल के घर पहुंचे। वहां से वे सभी पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए संस्कार उद्यान में पहुंचे। रहवासियों ने राहुल गांधी को बताया कि अभी भी क्षेत्र में कई जगहों पर गंदा पानी आ रहा है। वे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। जगह-जगह लोग राहुल गांधी को आवाज लगाकर उन्हें क्षेत्र की परेशानियां बताने की कोशिश करते रहे थे। संस्कार उद्यान में पीड़ित परिवारों ने बताया कि यहां पर लंबे समय से पीने का गंदा पानी आ रहा था। वे कई बार शिकायतें कर चुके थे लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने यह भी बताया कि अभी भी लगातार डायरिया के केस आ रहे हैं। एक दिन पहले ही साफ पानी घरों में आया है लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि अभी भी उन्हें पानी उबालकर ही पीना पड़ेगा। परिजन ने बताया कि इस मामले के असली दोषियों को बचाया जा रहा है। जो देह त्याग गए, उन्हें तभी शांति मिलेगी, जब मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।
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आदिवासी नेता की हत्या के विरोध में झारखंड के कई इलाके बंद, यातायात व्यवस्था प्रभावित
रांची। करंट क्राइम। आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों के आज झारखंड बंद का मिला जुला असर दिख रहा है। खूंटी में इसका असर ज्यादा दिख रहा है। सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतरे हुए हैं। कई जगह सड़कों पर टायर जलाकर बंद की नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सोमा मुंडा के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। रांची-जमशेदपुर एनएच 33 पर बुंडू में भी बंद का असर दिख रहा है। शहरों को जाने वाले रास्तों पर परिचालन प्रभावित हुआ है। रांची के ग्रामीण इलाके में बंद को लेकर सुबह से ही संगठन के लोग सड़कों पर उतर आए।
खूंटी जिला से गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर आवागन प्रभावित हुआ है। कई जगह लंबी दूरी की गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है। खूंटी शहर में बंद का असर दिख रहा है। शहर के सभी प्रतिष्ठान और दुकानें बंद हैं।
रांची के चिरौंदी, चान्हो, रातू, खलारी, तुपुदाना, कांके और पिठोरिया में सड़क जाम और आगजनी कर कई जगह बंद को सफल बनाने की कोशिश की गई। कई जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया।
रांची के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर सड़क से हटाने का प्रयास जारी है।
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देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मालदा। करंट क्राइम। देश को आज यानि शनिवार को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा स्टेशन पर इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। इससे पहले जो भी वंदे भारत ट्रेन चल रहीं थी वह केवल सिटिंग वाली थीं।
वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत से लोगों को काफी फायदा होगा। इसके साथ ही समय की भी बचत होने वाली है। इस ट्रेन से हावड़ा-गुवाहाटी रूट पर यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे कम हो जाएगा। अभी हावड़ा से गुवाहाटी ट्रेन से जाने में करीब 18 घंटे लगते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाई।
आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जा रही है। यह लंबी दूरी की यात्राओं को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाएगी।
हावड़ा-गुवाहाटी (कामाख्या) मार्ग पर यात्रा के समय को लगभग 2.5 घंटे तक कम करके यह ट्रेन धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी काफी बढ़ावा देगी। यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।
जानकारी के अनुसार स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का सफर किफायती होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि किराया सोच-समझकर तय किया गया है। हावड़ा से कामाख्या तक थर्ड एसी का किराया 2,299 रुपये रखा गया है. सेकंड एसी श्रेणी में हावड़ा से कामाख्या का किराया 2,970 रुपये होगा। फर्स्ट एसी श्रेणी में यात्रियों को हावड़ा से कामाख्या तक के लिए 3,640 रुपये देने होंगे।
