दिल्ली-एनसीआर की हवा में फूल रहीं सांसें स्कूलों में मास्क बांटेगी सरकार

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नई दिल्ली (ईएमएस)। सर्दियों की दस्तक के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो चली है। सांसें फूलने लगी हैं। दिल्ली के पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के खेतों में जलने वाली पराली ने एनसीआर की हवा में विष घोल दिया है। गैस चैंबर में तब्दील हो चुके एनसीआर में गाजियाबाद (एक्यूआई 478) में सबसे ज्यादा प्रदूषण की मार है। ऐसे में एक बार फिर से स्कूली बच्चों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। इसी के मद्देनजर स्कूलों ने अभिभावकों से कहा है कि वे बच्चों को बिना मास्क के स्कूल न भेजें। दूसरी तरफ, दिल्ली सरकार ने भी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में 50 लाख मास्क बांटने का एलान किया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर है। जरूरत पड़ी तो स्कूलों में छुट्टी की जा सकती है। वायु प्रदूषण का आलम यह है कि एनसीआर के पांच शहर देश में सबसे अधिक प्रदूषित हैं। आज भी प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
मास्क वितरण कल से
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार शुक्रवार से स्कूलों में मास्क बांटने की शुरुआत कर रही है। एक हफ्ते तक स्कूलों के जरिये घर-घर तक एन-95 मास्क पहुंचाया जाएगा। एक पैकेट में दो मास्क होंगे। अभी तक 50 लाख मास्क बांटने की दिल्ली सरकार की योजना है। हालांकि, केजरीवाल ने कहा कि अगर पड़ोसी राज्य अपने इलाके में पराली जलाने को रोक लें, तो मास्क की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
दिल्ली और मेरठ में निर्माण कार्यों पर रोक
वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए दिल्ली और मेरठ मंडल में निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली में दो नवंबर और मेरठ में अगले चार दिनों तक यह रोक लागू रहेगी। दिल्ली में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक पहले ही निर्माण कार्य पर रोक लगी हुई है। अब सवेरे के समय को सुबह 10 बजे तक कर दिया गया है। यही नहीं ताप विद्युत संयंत्र छोड़कर कोयले से चलने वाली फैक्ट्रियां बद कर दी गई हैं। अवैध ईंधन से चलने वाली फैक्ट्रियों पर भी कार्रवाई के आदेश दिये गए हैं।