तनाव कम करने घंटों चलाते हैं फेसबुक

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नई दिल्ली (ईएमएस)। एक ताजा अध्ययन में बताया गया है कि मॉडर्न लाइफस्टाइल में काम के प्रेशर, रिश्ते टूटने या परफॉर्मेंस प्रेशर की वजह से लोग तनाव का शिकार होते जा रहे हैं। कई बार लोग अपना मन हल्का करने के लिए घंटों फेसबुक चलाते रहते हैं या सोशल मीडिया बार बार चेक करते रहते हैं। कई बार ऐसा करने से मन थोड़ी देर के लिए दूसरी दिशा में लग जाता है और तुरंत के लिए तनाव से थोड़ी मुक्ति मिलती है। लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से लोग मानसिक रूप से फेसबुक जैसी सोशल साइट्स पर निर्भर होने लगते हैं। इससे उनके सोशल मीडिया के लती होने का खतरा बना रहता है। इस शोध के तहत शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन सर्वे में 18 से 56 साल के बीच करीब 309 फेसबुक यूजर्स को शामिल किया। सर्वे का नेतृत्व करने वाले रिसर्चर जूलिया ब्रैलोव्सकाया ने बताया कि इस सर्वे में हमने ज्यादातार छात्रों को शामिल किया था। इसकी वजह थी कि छात्र जीवन में अक्सर कई बातों को लेकर तनाव ज्यादा होता है। पेरेंट्स भी कई बार उनपर अच्छा प्रदर्शन करने का प्रेशर डालते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ बच्चों को अचानक पढ़ाई छोड़कर घर का खर्च चलाने के लिए काम के लिए बाहर निकलना पड़ता है और बाहरी दुनिया से डील करना पड़ता है जिस वजह से उन पर काफी प्रेशर होता है। शोध के तहत लोगों से पूछा गया कि सोशल साइट्स किस हद तक उनका तनाव कम करने में कारगर है? जब वो तनाव में होते हैं तो ऑनलाइन रहने या ऑफलाइन होने पर उन्हें लोगों से कितना भावनात्मक संबल मिलता है। ये भी सवाल पूछा गया कि रोजाना वो लगभग कितना समय सोशल मीडिया साइट्स पर बिताते हैं? जूलिया ने जानकारी दी कि शोध के निष्कर्ष के आधार पर यह कहा जा सकता है कि रोजाना के तनाव और सोशल मीडिया पर समय गुजारने को लेकर सकारात्मक सम्बन्ध है। इसलिए ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि तनाव की वजह से लोगों को सोशल मीडिया साइट्स की लत लग जाती है। लेकिन अगर ऐसे हालात में परिवार और दोस्तों का सहारा मिले तो सोशल मीडिया की लत छुड़ाई भी जा सकती है।ऑनलाइन नहीं रहने पर उन्हें कैसा महसूस होता है? शोध में यह खुलासा भी हुआ कि लोग जितना ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताते थे उतना ही ज्यादा वो तनावग्रस्त थे।