सीसी टीवी कैमरों की व्यवस्था सुचारू रखें दिल्ली में पैदल चलना खतरनाक, मरने वालों की तादाद 10 फीसदी बढ़ी हजारों बंदर, पकड़नेवाला सिर्फ एक, एमसीडी को बंदर पकड़ने वालों की तलाश हिंदू महासभा ने छात्रों का निलम्बन वापस पर जताई नाराजगी युवती की गर्दन और हाथ कटी मिली लाश मोदी और राहुल की लोकप्रियता में ज्यादा अंतर नहीं रहा केजरीवाल और अमरिंदर सिंह की लोकप्रियता बरकरार हार्दिक पटेल मध्यप्रदेश में सक्रिय 82 साल की उम्र में पक्की हुई शांति देवी फसल के पैसे सीधे पहुंचेंगे किसानों के खाते में भगोड़े शराब कारोबारी माल्या की गाड़ियां होंगी नीलाम
Home / अन्य ख़बरें / ऑनलाइन पाइरेसी के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट

ऑनलाइन पाइरेसी के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट

लंदन| जिन वेबसाइटों पर पायरेटेड सामग्री होगी उनके लिए अब दो प्रमुख इंटरनेट सर्च इंजन के पहले पृष्ठ पर जगह पाना काफी मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि गूगल और माइक्रोसॉफ्ट (जो बिंग सर्च इंजन चलाती है) एक नए आचार नियमावली पर सहमत हुए हैं जिसे ब्रिटेन में ऐसी वेबसाइटों को सर्च इंजन में पदानुक्रम घटाने के लिए डिजायन किया गया है।

द टेलेग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक इस कोड की योजना ब्रिटेन के बौद्धिक संपदा कार्यालय ने बनाई है, जिसका लक्ष्य सर्च इंजनों, अवैध वेबसाइटों की तरफ ट्रैफिक मोड़ने से रोकना है।

इस आचार नियमावली के तहत गूगल और बिंग उन वेबसाइटों को हतोत्साहित करेंगे जिन्हें बार-बार कॉपीराइट उल्लंघन का नोटिस दिया गया है, ताकि सर्च करने पर पहले पृष्ठ पर न दिखें।

हालांकि यह नियमावली स्वेच्छा से लागू करने की बात कही गई है, लेकिन कॉपीराइट पर नजर रखने वाली सरकारी संस्था अगले कुछ महीनों तक गूगल और बिंग पर नजर रखेगी कि वे इस नियमावाली का कितना पालन कर रहे हैं।

इससे फिल्म, टीवी और संगीत उद्योग को कितना फायदा मिलेगा, यह अभी साफ नहीं है। क्योंकि गूगल लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि पायरेसी वेबसाइटों पर जाने वाले ट्रैफिक का बहुत मामूली हिस्सा ही सर्च इंजनों से गुजरकर जाता है।

Check Also

बिजली की गति से भी तीव्र है यह कैमरा, समय को कैद करना होगा संभव

वॉशिंगटन (ईएमएस)। समय को स्थिर कर पाना या यूं कहें समय को कैद करना संभव …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *