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विवाद और गुंडागर्दी का अड्डा बना डासना टोल टैक्स

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। गर्मी के सीजन में स्कूली बच्चों की छुट्टी पड़ जाती है। जिसके चलते अक्सर लोग परिवार सहित छुट्टियों का आनंद लेने के लिए घूमने फिरने का प्रोग्राम बनाते हैं। जिसके चलते काफी संख्या में लोग सड़क मार्ग द्वारा ही परिवार सहित यात्रा करते हैं। अब अगर आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हो और अचानक आपके ही क्षेत्र में पड़ने वाले किसी टोल टैक्स पर गुंडे नुमा कर्मचारी तैनात हो जो अभद्र भाषा और मारपीट में महारत रखते हैं।
अचानक आप से कड़क लहजे में टोल टैक्स मांगा जाए तो निश्चित रुप से आपको बुरा लगेगा। क्योंकि अभी आपने सफर शुरू ही किया हो और अपने ही क्षेत्र में पड़ने वाले टोल टैक्स पर बदतमीजी से लोग पेश आये तो यकीनन आपका मूड खराब हो ही जाएगा। ऐसा ही कुछ डासना स्थित टोल टैक्स पर देखने को मिल रहा है। जहां क्षेत्रीय लोगों के साथ भी बदसलूकी, बदतमीजी और मारपीट की घटना सामने आई है। जिसमें कई बार तो मामला थाने तक पहुंच चुका है। लोगों का यहां तक कहना है कि पुलिसकर्मी की लापरवाही और संरक्षण के चलते ही टोल टैक्स पर क्षेत्रीय लोगों से बदतमीजी की जा
रही है। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक मसूरी दिनेश यादव का कहना है कि टोल टैक्स पर कई बार मारपीट के मामले सामने आए हैं। जिसमें पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन किसी को नहीं करना चाहिए। नियमानुसार जिसे जो छूट मिली चाहिए वह मिलेगी। इसके अतिरिक्त किसी की दबंगता या गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
पिंकी चौधरी के काफिले के साथ भी हुई थी मारपीट
हिंदू रक्षा दल के नेता पिंकी चौधरी की जब जेल से रिहाई हुई थी। तब एक काफिला होने लेने के लिए जेल पहुंचा था। वापसी में पिंकी चौधरी की गाड़ी तो आगे निकल गई। लेकिन टोल टैक्स पर अन्य गाड़ियां टोल कर्मियों ने रोक ली थी। जिसके बाद बहसबाजी से शुरू होकर मामला जमकर मारपीट तक जा पहुंचा। दोनों पक्षों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की थी।
लोकल नंबर के बावजूद भी मांगते हैं परिचय पत्र
गाजियाबाद में रजिस्टर्ड वाहनों पर यूपी 14 से शुरू होने वाला नंबर होता है। लेकिन इसके बावजूद भी टोलकर्मी चालक से परिचय पत्र मांगते हैं। जिसमें यह देखते हैं कि चालक गाजियाबाद का रहने वाला है या नहीं जिसके बाद ही टोल कर्मियों की मर्जी पर निर्भर होता है। कि वह वाहन को बिना शुल्क के जाने दें अथवा उससे शुल्क लिया जाए।
परिवार के साथ होने पर होती है ज्यादती
टोलकर्मी इस बात का ख्याल रखते हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपने परिवार के साथ वाहन में है। तो दबाव बनाकर तुरंत टोल टैक्स वसूल कर लेते हैं। अक्सर लोग परिवार के साथ जाते समय झगड़ा नहीं करते। जिसका फायदा टोल कर्मी उठाते हैं । वही अगर कुछ युवक वाहन में जा रहे हो तो उनका रवैया बदल जाता है।
टोल पर लड़ाई झगड़े के कुछ विशेष मामले
विधायक पुत्र के साथ हुई मारपीट
हाल ही में मौजूदा बसपा विधायक असलम चौधरी पुत्र मुकम्मिल चौधरी और टोल कर्मियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया था। जिसमें पुलिस ने विधायक पुत्र के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था। इस मामले में बताया जाता है कि नियम अनुसार विधायक की गाड़ी कोई टोल टैक्स से छूट दी जाती है। जबकि विधायक पुत्र अन्य गाड़ियों को भी टोल से छूट दिलाने के लिए कह रहा था। ऐसे में बड़ी बात यह है कि जब टोल कर्मचारी क्षेत्रीय विधायक के पुत्र के साथ भी मारपीट कर सकते हैं। तो निश्चित रुप से आम आदमी के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता हैं।

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